✊🇮🇳 जामिया के छात्रों के संघर्ष की जीत!
18 दिनों तक भूख हड़ताल पर रहे एबिन बासिल और 15 दिनों तक संघर्षरत रेहान मेवाती ने छात्रों के अधिकारों की लड़ाई में अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया।
एबिन बासिल ने इसे छात्रों की बड़ी जीत बताते हुए कहा कि यह जामिया के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होगी। वहीं, रेहान मेवाती ने इसे सत्य और छात्र एकता की जीत बताया।
यह जीत उन सभी छात्रों के संघर्ष की जीत है, जिन्होंने तमाम मुश्किलों के बावजूद हार नहीं मानी।
NSUI छात्रों के अधिकारों के लिए हर संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी।
इंकलाब ज़िंदाबाद! ✊🔥
#NSUI #JamiaMilliaIslamia #StudentUnity #InquilabZindabad
✊🇮🇳 जामिया के छात्रों के संघर्ष की जीत!
18 दिनों के संघर्ष और NSUI साथी एबिन बासिल सहित अन्य छात्रों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के आगे आखिरकार प्रशासन को झुकना पड़ा। तमाम बाधाओं के बावजूद छात्रों ने अपने संघर्ष के दम पर छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग स्वीकार करवाकर जीत हासिल की।
NSUI कल भी छात्रों के साथ थी, आज भी है और आगे भी हर संघर्ष में साथ खड़ी रहेगी। ✊🔥
#NSUI #JamiaMilliaIslamia
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संघर्ष की जीत हुई! ✊🇮🇳
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर NSUI के साथी एबिन बासिल ने 18 दिनों तक संघर्ष किया और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी। आखिरकार, छात्रों के संघर्ष के आगे विश्वविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग स्वीकार हुई।
यह जीत छात्र एकता, दृढ़ संकल्प और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ने वाले हर छात्र की जीत है।
साथी एबिन बासिल और इस संघर्ष में डटे सभी छात्रों को सलाम!
#NSUI #JamiaMilliaIslamia
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आख़िरकार, छात्रों की एकजुट ताक़त के आगे दमनकारी रवैये को झुकना पड़ा। लोकतंत्र की यह लड़ाई कठिन ज़रूर थी, लेकिन छात्रों ने अपने संघर्ष से जीत हासिल की।
BJP के नियंत्रण वाले जामिया प्रशासन ने छात्रों को बाँटने और उनके आंदोलन को बदनाम करने की हर कोशिश की। यहाँ तक कि इस मांग के समर्थन में प्रदर्शन करने वाले हमारे NSUI के साथियों को भी तिहाड़ जेल भेज दिया गया।
छात्रों के अहिंसक संघर्ष और उनके अटूट संकल्प को सलाम! NSUI कल भी छात्रों के साथ खड़ी थी, आज भी है और आगे भी हर संघर्ष में साथ रहेगी।
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NSUI के चीते हैं,
बड़ी शान से जीते हैं! 🔥
VIDEO | Delhi: Ebin Basil, a third-year student of law at Jamia Millia Islamia ends his indefinite hunger strike on the 18th day after their demands for the restoration of the university’s students’ union was accepted.
Addressing a press conference here, he said, "Today marks the 18th day of our hunger strike, and I am calling an end to it following the official registration of the Jamia Millia Islamia Students' Union. The university administration has agreed to all the demands we put forward. I would like to extend my heartfelt thanks to all the students of Jamia who stood by us, and to our comrades and sathis who joined me in this hunger strike. A special thanks goes to our very respected Haris Beeran Sir, Rajya Sabha MP, as well as the Jamia Alumni Association and all other alumni of Jamia. I am deeply grateful to everyone across the nation and worldwide who supported our movement for the restoration of this democratic process. This is a victory for the students, a victory for Jamia, and a victory for democracy."
(Full video available on PTI Videos - ptivideos.com)
संघर्ष की जीत हुई! ✊🇮🇳
जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाली की मांग को लेकर NSUI के साथी एबिन बासिल ने 18 दिनों तक संघर्ष किया और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल जारी रखी। आखिरकार, छात्रों के संघर्ष के आगे विश्वविद्यालय प्रशासन को झुकना पड़ा और छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग स्वीकार हुई।
यह जीत छात्र एकता, दृढ़ संकल्प और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ने वाले हर छात्र की जीत है।
साथी एबिन बासिल और इस संघर्ष में डटे सभी छात्रों को सलाम!
#NSUI #JamiaMilliaIslamia
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ज्ञानेश ने आज हलफ़नामा दिया है,
कल इस्तीफ़ा भी देगा।
राहुल जी के आह्वान पर,
चलो दिल्ली,
चलो रामलीला!
#votechori #rahulgandhi #ChaloDilli
NSUI students peacefully protesting at JNU for students’ rights have been arrested and sent to Tihar for 3 days. Delhi Police produced them before the Court without informing their families or lawyers, in clear violation of Article 22, Section 48 BNSS and the D.K. Basu guidelines. Peaceful protest is a constitutional right. The voice of students cannot be silenced.
#ReleaseNSUIStudents
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क्या मौजूदा भारत में छात्रों का हक मांगना भी गुनाह हो गया है?
जामिया में छात्रसंघ चुनाव और लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे @nsui के हमारे साथी फैज़ान और ज़ीशान को कल जामिया के बाहर से गिरफ्तार किया गया था जिन्हें आज तिहाड़ जेल भेज दिया गया है।
मोदी-शाह सुन लें, जेल भेजकर छात्रों की आवाज़ नहीं दबा सकते!
हमारी मांग है कि दोनों छात्र नेताओं को तुरंत रिहा किया जाए।






