International President, Vishva Hindu Parishad (VHP) | Patron, Dadhichi Deh Dan Samiti | Purv Sah-Prant Sanghchalak Delhi RSS | Ex-Dy Speaker Delhi Assembly

New Delhi, India
Joined July 2013
• हम डॉ रामअवतार शर्मा के साथ छत्तीसगढ़ के जशपुर में आकर रुके हैं। रामअवतारजी ने अपनी पूरी उम्र उन स्थानों की प्रामाणिक खोज में लगा दी है कि जिनमें से होते हुए i. रामजी अयोध्या से श्रीलंका गए थे ii. जनकपुर गए थे और iii. सीताजी से विवाह के बाद बारात जनकपुर से अयोध्या लौटी थी। • इनमें से कुछ स्थान जशपुर के आस पास हैं। इन 3 दिनों में हम उन स्थानों के दर्शन करेंगे। • आज पहले दिन हम फतेहपुर के शिव मन्दिर पहुंचे। सुंदर रमणीक स्थान, चारों ओर पुराने बड़े बड़े पेड़, पास में जल प्रवाह, चावल के खेत और कहीं बीच-बीच में सोना सा बिखेरती सरसों। मंदिर छोटा है, पर सुंदर है। यहाँ सियाराम लखन जी की उपस्थिति की कल्पना की, शिवजी की पूजा के स्तोत्र पढ़े गए, भूमिष्ठ हो प्रणाम किया। • फिर झारखंड के सिमडेगा जिले में स्थित भव्य रामरेखाधाम पहुंचे। यह तीर्थ जंगल में पहाड़ों के बीच में स्थित है। यहाँ गुफा के अंदर की छत पर एक लंबी रेखा है। बताया जाता है कि यह रेखा रामजी ने अपने तीर से खींची थी। समीप ही लक्ष्मण कुंड है, जिसे लक्ष्मणजी ने अपने बाण से बनाया था। रामजी ने यहाँ शिवलिंग की स्थापना भी की थी। इस लिंग के समक्ष हो कर विधिवत पूजन किया, सीतारामजी के समक्ष साष्टांग हुआ। • रामरेखाधाम में 1947 में एक बाबा आए थे। उनका भी नाम रामरेखाधाम हो गया है। अगले 50 वर्ष बाबा यहाँ रहे; इस पहाड़ी क्षेत्र में अपनी साइकिल से निरंतर गाँव-गाँव जाते थे। हिंदू समाज को जागृत और संगठित किया। बाबा के इस तप के कारण यहाँ धर्मांतरण पर कुछ रोक लगी। • अभी उनके काम को विश्व हिंदू परिषद, कल्याण आश्रम, संघ और अन्य हिंदू संगठन आगे बढ़ा रहे हैं। आज हमारे साथ इस तीर्थयात्रा में कल्याण आश्रम के श्री संतोष परांजपे, प्रांत मंत्री वासुदेव जी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मंत्री श्री विजय राठौर, सिमडेगा के जिला अध्यक्ष श्री कौशलराज जूदव और मेरी पत्नी मंजूप्रभा थे। मार्गदर्शन डॉ रामौतार शर्मा जी का ही रहा। @VHPDigital @BajrangDalOrg @RSSorg @ivskdelhi @eHinduVishwa @KalyanAshram
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Alok Kumar Sr. Advocate retweeted
#LIVE: श्रद्धेय अशोक सिंहल जन्मशताब्दी वर्ष समारोह - विदर्भ प्रांत #100YearsOfAshokJi xitter.cf/i/broadcasts/1nxeLMQaV…
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The inaugural event marking the centenary of Shri Ashok Singhal—the hero of the Ayodhya Ram Janma Bhoomi movement who provided leadership as the International Working President of the Vishwa Hindu Parishad—was held in Kanchipuram on Friday, October 2, 2026. Jagadguru Pujyashri Shankara Vijayendra Saraswathi Shankaracharya Swamigal, the Pontiff of the Sri Kanchi Kamakoti Peetham, graced the occasion and delivered a benedictory address. A grand reception, accompanied by Shivalaya Vathyam (traditional musical instruments), was accorded to Pujya Swamiji Shankaracharya, sadhus, sannyasis, leaders, and special guests as they proceeded from the Kamakshi Amman Temple to the venue. Blessings. “We must recognize our greatness of Sanatana dharma. We need to spread awareness of our greatness not only within India but also to other continents. In Tamil Nadu, Ashok Singhal maintained contact with several scholars, including Kirupananda Variyar. He brought brick for the Ram Janmabhoomi, received blessings from the Pujya Shankaracharya Jayendra Saraswathi swami, and proceeded to Ayothya. He was a person of great courage and a tireless, dedicated worker who could work with intense focus; yet, at the same time, he was a man of calm and quiet demeanor. It is a matter of joy that the celebrations marking his birth centenary have commenced here in Kanchipuram," said His Holiness the Kanchi Shankaracharya Swamigal in his benediction. Shri. Alok Kumar, International President of the Vishwa Hindu Parishad and Supreme Court Advocate, delivered the special address. Paying tribute, he said, "Shri. Ashok Singhal was the one who fostered unity, courage, self-confidence, and the mindset to achieve one's goals among Hindus. Let us all follow in his footsteps." In his special address, Union Minister of State Shri L. Murugan said, "Ashok Singhal was a man of immense dedication. The credit for ushering in 'Ram Rajya' belongs to him; Ram Rajya stands as a symbol of sacrifice. Prime Minister Modi is fulfilling his dream. This is the land where great saints like Vivekananda, the Siddhars, and Shankaracharya lived. Let us carry Ashok Singhal's vision forward to the next generation." Sri Sri Swami Karshini Anubhavanand Maharaj (Head of Kanchi Udasin Bavaji Peetham), Thavathiru Srila Sri Swami Ramananda Maharaj (Founder of the Akhila Bharatha Sannyasis Sangam), and Sri Hanuman Mataji (of Sanjeevini Peetham, Doosi) participated in the event and bestowed theirDr. Andal P. Chokkalingam, State President (North Tamil Nadu) of the VHP, Shri. G. Manikandan (Secretary of the Tagore College Group and All-India Trustee of VHP), Mr. Ranjith (Film Producer and Actor), and Mr. Rama Ezhumalai (Secretary of the Vivekananda Educational Group and President of RSS Kanchipuram) presided over the event. Dr. R. Vanniyarajan (RSS President for South India), Hon. L. Murugan (Union Minister of State), and Shri Ko. Sthanumalayan (All India Joint General Secretary, VHP) participated and delivered special addresses. State and district-level VHP office-bearers, along with more than 600 members of the public, participated in this event and made it a grand success. @VHPDigital @vhpdtn @BajrangDalOrg
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1 अक्टूबर को मालवा प्रांत ने पूज्य श्री अशोक सिंहल जी की जन्म शताब्दी का उद्घाटन कार्यक्रम इंदौर में आयोजित किया। इसकी अध्यक्षता भानुपुरा पीठ के पूज्य जगतगुरु स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ जी महाराज जी ने की और इसमें विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष श्री आलोक कुमार का मार्गदर्शन मिला इस अवसर पर अनेक वरिष्ठ पूज्य संत और हिंदू समाज बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सबने संकल्प लिया कि अपने हिंदू समाज को संगठित करेंगे, संघर्षों में लड़कर विजयशाली बनाएंगे और इसके द्वारा विश्व के लिए सुख और शांति का मार्ग प्रशस्त करेंगे। . . . . . @VHPDigital @BajrangDalOrg @ivskdelhi
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विश्व हिन्दू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमान आलोक जी भाई साहब को अपनी पुस्तक “ कर्मयोगी श्रद्धेय अशोक सिंहल जी” भेंट की।
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Manniya Ashok Singhal ji's life remains a living source of inspiration for Indian culture, spiritual consciousness and selfless devotion to the nation. This centenary is not merely an occasion to remember him; it is a year of resolve to carry his ideals, his spirit of service and his love for Bharat to the coming generations. #100yearsofAshokji @VHPDigital @ashoksinghalfou @RSSorg @HMOIndia
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Alok Kumar Sr. Advocate retweeted
#WATCH | Delhi | On the occasion of the birth centenary year of former VHP President Ashok Singhal, VHP International President Alok Kumar says, "His birth centenary celebrations begin today and will continue for a year... We will pay tribute to him and honour his memory through our actions. We are confident that this year will mark a period of widespread Hindu awakening across the country; we believe we will make significant progress in curbing religious conversions and in 'Ghar Wapsi' efforts. Ashok-ji held the Vedas, the Gita, and the Ganga close to his heart. We will work on all these fronts and awaken the nation. We will undertake every effort required from society to transform India into 'Ram Rajya'."
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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच पूरी: ट्रस्ट और ट्रस्टियों को क्लीन चिट, चार्जशीट दाखिल
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आयरलैंड में विश्व हिंदू परिषद की समिति काम कर रही है। श्री दुर्गेश तिवारी आयरलैंड विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष हैं। मेरा 15 और 16 को यहां का प्रवास रहा। हिंदू मंदिरों में जाकर वहां के पदाधिकारियो से भेंट हुई, संवाद के लिए बैठकों और कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। यहां रामकृष्ण मिशन का रामकृष्ण वेदांत सेंटर चलता है। आश्रम का नाम है, निवेदिता हाउस। इसमें अध्यक्ष स्वामी शांतिव्रतानंद से राम जन्मभूमि मंदिर और अन्य विषयों पर बात हुई। तेलुगु समाज ने अपूर्वा चैरिटी के नाम से एक बड़ा मंदिर बनाने का संकल्प लिया है। ईसमें अग्रणी है, श्री राम कृष्ण। वह हिंदू स्वयंसेवक संघ के देश सेवा प्रमुख भी हैं। यहां का सबसे प्रमुख मंदिर है वैदिक हिंदू कल्चरल सेंटर। इस मंदिर में हम गए, यहां के पदाधिकारी श्री विनय दीवान और दयाकर रेडी जी से भेंट हुई। भगवान गणेश की पूजा का अवसर मिला, थोड़ी देर के लिए संबोधित भी किया। विश्व हिंदू परिषद द्वारा आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिंदू जीवन के बारे में चर्चा की। परिषद और हिंदू स्वयंसेवक संघ के प्रमुख कार्यकर्ताओं के साथ एक लंबी अनौपचारिक चर्चा आनंद के वातावरण में हुई। आगे क्या काम करना है इसकी रूपरेखा बनी। मुझे विश्वास है कि शीघ्र ही आयरलैंड हमारे काम का मजबूत आधार बनेगा। इस सारे प्रवास में श्री दुर्गेश तिवारी व हिंदू स्वयंसेवक संघ के देश कार्यवाह श्री नवीन राणा और अन्य कार्यकर्ता साथ रहे।
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- विश्व हिंदू परिषद के लिए नॉर्वे का 3 दिन का प्रवास 15 सितंबर को सम्पन्न हुआ। यहां विहिप का अच्छा और पुराना काम है। पिछले ही वर्ष यहां नॉर्वे का राष्ट्रीय हिंदू सम्मेलन हुआ था। राजधानी ओस्लो में शहर के बीच विहिप का अपना कार्यालय भी है। - पहले दिन का प्रमुख कार्यक्रम यहां की कार्यकर्ता टोली के साथ अनौपचारिक बैठने का रहा। हम लगभग 2 घंटे बैठे और बाद में सबने साथ ही भोजन भी किया। इस समय में मन की सब बातें सामने रखीं, यहां कार्य की स्थिति, चुनौतियां, संकल्प के साथ ही भारत में चल रहे अनेक घटनाक्रमों पर चर्चा हुई। हम एक मन हुए और अनेक प्रश्नों का समाधान हुआ। - दूसरे दिन रक्षाबंधन का सार्वजनिक कार्यक्रम हुआ। इसमें सब लोगों को राखी दी गई; जिसे सब ने अपनी लाइन में दाएँ हाथ पर बैठे हिंदू बंधु की कलाई पर बांधा। लाइन के आखिरी व्यक्ति ने अपनी लाइन के पहले व्यक्ति की कलाई पर रक्षा बांधी। सबने अनुभव किया कि संपूर्ण विश्व में फैला हुआ हिंदू समाज एकसूत्र में बंधता जा रहा है। - इस कार्यक्रम में मैने अपनी परिवार व्यवस्था, हिंदू मूल्यों के आधार पर जीवन और नॉर्वे की कर्मभूमि में रहनेवाले मूल समाज के साथ घनिष्ठ संबंध बनाने का आग्रह किया। - तीसरे दिन का मुख्य कार्यक्रम था, हिंदू स्वयंसेवक संघ की कार्यकारिणी के साथ मिल-बैठने का। इसमें भी अनौपचारिक चर्चा में नॉर्वे से भारत के मानो सब विषय आ गए।
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विश्व हिंदू परिषद के लिए स्वीडन का दो दिन का प्रवास 11 सितंबर को सम्पन्न हो गया। - स्वीडन के इस प्रवास में यहां के i. सनातन मंदिर ii. शिवधाम, iii. श्री बालाजी मंदिर एवं iv. श्री गणेश मंदिर जाकर वहां के पदाधिकारियों से चर्चा करने का अवसर मिला। चिन्मय मिशन के पदाधिकारियों से भी चर्चा हुई। - मैने अपने वक्तव्यों में कहा कि जीवंत हिंदू की पहचान है कि क्या उसकी उपस्थिति से सब जगह जैसे परिवार में, कार्यस्थल पर, मोहल्ले में, वातावरण में सद्भाव, मैत्री, सामंजस्य और आनंद का निर्माण होता है? - यही विभिन्नता में एकता को प्रकट करना है। यही 'कृण्वन्तो विश्वमार्यम्' का व्यावहारिक स्वरूप है। - यहां के लिए एक बिंदु सब को ही ठीक लगा। यहां के विद्यालयों में विश्व के प्रमुख धर्मों के बारे में पढ़ाते हैं। हिंदू धर्म के पाठ में अनेक विसंगतियां हैं। जैसे कि हिंदू जातिप्रथा के बारे में और महिलाओं से भेदभाव के बारे में। इस विषय में हिंदू संस्थाओं ने मिलकर सरकार को ईमेल के द्वारा और इसके बाद मिलकर कहना चाहिए। विहिप इसकी पहल करेगा। @VHPDigital @BajrangDalOrg @ivskdelhi @epanchjanya @eOrganiser @eHinduVishwa
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• विश्व हिंदू परिषद के लिए बेल्जियम का दो दिन का मेरा प्रवास 9 सितंबर को सम्पन्न हो गया। • इस प्रवास में यहां के विहिप कार्य के लिए 3 लोगों की कोर कमेटी घोषित हुई। इस की प्रमुख कृतिका जी हैं और सदस्य हैं प्रवीण जी तथा श्री सुबु सुब्रह्मण्यम वासन। • इस समिति ने अपना पहला कार्यक्रम 'Being Hindu' विषय पर एक सार्वजनिक गोष्ठी के आयोजन से किया। इस गोष्ठी में प्रसिद्ध विचारक श्री @ElstKoenraad का भी महत्वपूर्ण भाषण हुआ। मेरे वक्तव्य के बाद लगभग आधे घंटे का संवाद भी हुआ जिसमें सुझाव व प्रश्नोत्तर हुए। • मैने अपने वक्तव्य में कहा कि हिंदू सब विभिन्नताओं के पीछे विद्यमान एकता को ढूंढता है। अपनी इस वृत्ति के कारण हिंदू होने का अर्थ है कि वह सब जगह सहमति, सामंजस्य और प्रेम निर्माण करने वाला कारक होता चाहिए। @VHPDigital @BajrangDalOrg @eHinduVishwa
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6-7 सितंबर को मेरा विश्व हिंदू परिषद के लिए नीदरलैंड का प्रवास हुआ। इस दौरान यहां के बड़े शहरों, राजधानी एम्स्टरडम, एण्डोवन, रोटेंडम, उत्तरेर्क तथा कुछ अन्य स्थानों पर भी जाना हुआ। उपरोक्त और अन्य स्थानों पर विहिप ने गोष्ठियां आयोजित कीं गईं जिसमें मेरे वक्तव्य के बाद चर्चा भी रही। नीदरलैंड में भारतीयों के 2 बड़े समूह रहते हैं। लगभग 100 साल से भी पहले पड़ोस के सूरीनाम में बड़ी संख्या में भारतीयों को बसाया गया था। वह खेतों और भवन निर्माण के कामों में लगाए गए थे और इनका जीवन लगभग दासों के जैसा था। उस समय सूरीनाम डचों का गुलाम था। 1975 में उसको आजादी मिली। तब लगभग 1,25,000 भारतीय मूल के लोगों को वहां से भागकर नीदरलैंड में आकर बसना पड़ा। इसके बाद भी 2 बार ऐसी स्थिति बनी कि वहां के भारत मूल के लोगों को सूरीनाम से भाग कर नीदरलैंड की शरण लेनी पड़ी। दूसरे, वह लोग हैं जो हाल के समय में यहां आ कर बस रहे है। यह योग्य और सुशिक्षित हैं। वरिष्ठ मैनेजमेंट स्थानों पर हैं। अच्छा काम रहे है और यहां उनका आदर होता है। सबसे आनंद का समाचार यह है कि यहां के समाज जीवन के आदरणीय 6 लोगों ने विहिप के कार्य की जिम्मेवारी लेना स्वीकार किया। यह इस देश के अलग अलग स्थानों पर रहते हैं। हमने परस्पर विचार विमर्श और 2 घंटे की चर्चा के बाद इनको इस देश में विहिप का काम सौंपा है। एक विशेष उल्लेख करना अच्छा रहेगा। हम यहां का श्री कृष्ण स्कूल देखने गए। यह नीदरलैंड में हिंदू स्कूल श्रृंखला का भाग है। समुद्र किनारे स्वामी विवेकानंद की मानवाकार प्रतिमा है। खेल के मैदान में रथ है। अंदर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं कलात्मक ढंग से सजाई गई हैं। हिंदू संस्कृति की शिक्षा देते हैं। बच्चे जूते उतारकर कक्षा में जाते हैं। शीशा का स्तर बहुत अच्छा है।
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नीदरलैंड के एक आर्यसमाज में यज्ञ में शामिल हुआ।
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नीदरलैंड में एकार्यसमाज में यज्ञ।
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आज जन्माष्टमी है। आज ही श्री भगवान ने कृष्ण रूप में अवतार लिया था। आह ही के दिन 1964 में विश्व हिंदू परिषद का जन्म हुआ था। दोनों का जीवन उद्देश्य राक्षसी वृत्ति का विनाश और सात्त्विक शक्तियों को सुरक्षित करके धर्म की संस्थापन करना। समाज की संगठित शक्ति से इसे पूरा करेंगे।
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कल पूज्य श्री विश्व प्रसन्न तीर्थ स्वामी जी के चातुर्मासय के अंतर्गत दिल्ली स्थित वेदव्यास गुरुकुल में आयोजित 'सन्त संगम' में अनेक सन्तों के दर्शन व आशीर्वाद मिले। सन्त संगम सन्तों ने गुरुकुल, गौरक्षा, परिवार प्रबोधन और समरसता पर काम करने का आह्वान किया।
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आज अयोध्या श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में नए पदाधिकारियों व ट्रस्टियों का स्वागत एवं अभिनंदन
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