मैं ये सोच कर उस के दर से उठा था
कि वो रोक लेगी मना लेगी मुझको
कदम ऐसे अंदाज से उठ रहे थे
कि वो आवाज़ देकर बुला लेगी मुझको
हवाओं मे लहराता आता था दामन
कि दामन पकड़ के बिठा लेगी मुझको...
- पशेमानी
#KaifiAzmi
और फ़िर कृष्ण ने अर्जुन से कहा-
न कोई भाई, न बेटा, न भतीजा, न गुरु
एक ही शक्ल उभरती है हर आईने में
आत्मा मरती नहीं, जिस्म बदल लेती है
धड़कन इस सीने की जा छुपती है उस सीने में...
- फ़र्ज़
#KaifiAzmi #HappyJanmashtami
कोई देता है दर्द-ए-दिल पे मुसलसल आवाज़
और फिर अपनी ही आवाज़ से घबराता है
अपने बदले हुए अंदाज़ का एहसास नहीं
मेरे बहके हुए अंदाज़ से घबराता है...
- दावत
#KaifiAzmi
जिस्म ही जिस्म हैं, कफ़न ही कफ़न
बात सुनते न सर झुकाते हैं
अम्न की ख़ैर, कोतवाल की ख़ैर
मुर्दे क़ब्रों से निकले आते हैं
कोई अपना न कोई बेगाना
आज की रात हम को सोने दो...
- आख़िरी रात
#kaifiAzmi
उड़ जा उड़ जा प्यासे भँवरे, रस ना मिलेगा ख़ारों में
कागज़ के फूल जहाँ खिलते हैं, बैठ ना उन गुलज़ारो में
नादान तमन्ना रेती में, उम्मीद की कश्ती खेती है
इक हाथ से देती है दुनिया, सौ हाथों से लेती है
ये खेल है कब से जारी
बिछड़े सभी, बिछड़े सभी बारी बारी...
#KaifiAzmi
इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े
हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े
जिस तरह हँस रहा हूँ मैं पी पी के गर्म अश्क
यूँ दूसरा हँसे तो कलेजा निकल पड़े...
- #KaifiAzmi
24 years ago, we lost Kaifi Azmi. But as his daughter Shabana says — "Aisa lagta hai Abba hamare saath hain, hamaara haath pakde huein hain."
Here's why his words refuse to die.
azmikaifi.com/kaifi-azmi-the…
#KaifiAzmi @AzmiShabana
आल इण्डिया कैफी आजमी एकेडमी में साहित्यिक-सांस्कृतिक आयोजन dainik.bhaskar.com/Z31zDbOT1…
शायर कैफी आजमी को 24वीं पुण्यतिथि पर डाक विभाग ने दी श्रद्धांजलि, जारी किया 'स्पेशल कवर'
jagran.com/uttar-pradesh/aza… via @JagranNews
Kaifi Azmi’s work remains relevant over the ages: Shabana Azmi on her father's enduring legacy timesofindia.indiatimes.com/… via @timesofindia
On Kaifi Azmi's centenary year, Garm Hava writer Shama Zaidi remembers him mumbaimirror.indiatimes.com/…
Kaifi Azmi honoured with special postal tribute, mushairas on his 24th death anniversary tribuneindia.com/news/entert…
Kaifi Azmi remembered with postal tribute printweek.in/article/kaifi-a…
Kaifi Azmi - کیفی retweeted
The ghazal #KaifiAzmi is reciting in this clip was written by him when he was just 11 years old
नहीं मोहब्बत की कोई क़ीमत जो कोई क़ीमत अदा करोगी
वफ़ा की फ़ुर्सत न देगी दुनिया हज़ार अज़्म-ए-वफ़ा करोगी
मुझे बहलने दो रंज-ओ-ग़म से सहारे कब तक दिया करोगी
जुनूँ को इतना न गुदगुदाओ, पकड़ लूँ दामन तो क्या करोगी
क़रीब बढ़ती ही आ रही हो
ये ख़्वाब कैसा दिखा रही हो...
- तसव्वुर
तुझे मिली रौशनी मुझको अँधेरा
सारा जहाँ है बदगुमां कोई नहीं मेरा यहाँ
तुझे मिली रौशनी मुझको अँधेरा...
#RIP #AshaBhosle #KaifiAzmi


