Official handle of the Chief Electoral Officer, Uttar Pradesh.

Uttar Pradesh, India
Joined October 2011
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) 03 स्नातक तथा 06 शिक्षक क्षेत्र के उम्मीदवार विजयी घोषित लखनऊ एवं वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना जारी लखनऊ, 28 अक्टूबर, 2026 उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत 03 स्नातक तथा 06 शिक्षक क्षेत्रों के उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया है। लखनऊ तथा वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सायं 8:00 बजे तक की प्राप्त सूचना के अनुसार मतगणना जारी है। घोषित परिणाम निम्नवत हैं- 1. मेरठ स्नातक क्षेत्र- दिनेश कुमार गोयल (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 24,929 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 2. आगरा स्नातक क्षेत्र- डा० मानवेंद्र प्रताप सिंह, गुरु जी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 42,743 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 3. इलाहाबाद-झांसी स्नातक क्षेत्र- डा० मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 60,358 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 4. लखनऊ शिक्षक क्षेत्र- उमेश द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 13,179 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 5. वाराणसी शिक्षक क्षेत्र- लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी) ने कुल 11,612 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 6. आगरा शिक्षक क्षेत्र- डॉ० आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी) ने कुल 14,046 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 7. मेरठ शिक्षक क्षेत्र- श्रीचन्द शर्मा (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 18,099 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 8. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र- डा० हरी सिंह ढिल्लो (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 21,672 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। 9. गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक क्षेत्र- ध्रुव कुमार त्रिपाठी (भारतीय जनता पार्टी) ने कुल 16,790 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की। लखनऊ एवं वाराणसी स्नातक क्षेत्र की रात्रि 8 बजे तक की गणना सूचना निम्नवत हैः- 01. लखनऊ स्नातक क्षेत्र में आठवे चरण की गणना समाप्त, अगले चरण की गणना प्रारंभ। 02. वाराणसी स्नातक क्षेत्र में पांचवे चरण की गणना समाप्त, अगले चरण की गणना प्रारंभ। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
24
9
4
106
11,183
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश *इलाहाबाद-झाँसी स्नातक क्षेत्र का परिणाम घोषित* उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत प्राप्त सूचना के अनुसार इलाहाबाद-झाँसी स्नातक के उम्मीदवार डॉo मान सिंह यादव (समाजवादी पार्टी) को विजयी घोषित कर दिया गया है। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
4
23
3
280
14,732
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश *आगरा स्नातक क्षेत्र का परिणाम घोषित* उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत प्राप्त सूचना के अनुसार आगरा स्नातक क्षेत्र के उम्मीदवार डॉo मानवेंद्र प्रताप सिंह (गुरुजी), (भारतीय जनता पार्टी) को विजयी घोषित कर दिया गया है। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
8
19
1
119
23,674
CEO Uttar Pradesh retweeted
कल मैंने एक ट्वीट किया था कि मेरे पिता का नाम AC बबीना 222 की मतदाता सूची से हटा दिया गया था BLO ने तुरंत मुझसे संपर्क किया। BLO ने बताया कि मेरे पिता ने पहले ही 'फॉर्म 7' भरकर जमा कर दिया था। मेरा फॉर्म 6 भर गया है मैं संतुष्ट हूँ। धन्यवाद।@ECISVEEP @Deo_Jhansi @ceoup
2
4
381
मतों की गणना का कार्य व्यवस्थित एवं शांति पूर्वक चल रहा है वरीयता के मतों के ट्रांसफर के साथ प्रत्याशियों के पक्ष में जुड़ने वाले मतों की घोषणा की जा रही है एवं लेखा की प्रति भी उपलब्ध करायी जा रही है।@ceoup @ECISVEEP
2
7
1,420
गोरखपुर फैजाबाद खंड निर्वाचन क्षेत्र के द्वितीय अधिमान की गणना का कार्य अब अपने अंतिम चरण में है प्रथम एवं द्वितीय पायदान पर सर्वाधिक मत पाए अभ्यर्थी के मध्य द्वितीय वरीयता के मत का ट्रांसफर शांति पूर्वक गतिमान है अभी निर्धारित कोटा प्राप्त करने हेतु चार अभ्यर्थियों के मत का हस्तांतरण शेष है। मतगणना स्थल में पूर्ण शांति है किसी भी भ्रामक पोस्ट पर कृपया ध्यान न दें। @ceoup @ECISVEEP
6
7
1
28
6,108
द्वितीय वरीयता की मतगणना अभ्यर्थियों की उपस्थिति में अपराह्न 1 बजे शांतिपूर्ण, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करायी जा रही है।@ceoup @ECISVEEP
1
1
3
935
उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनाव के वाराणसी-खंड स्नातक के अंतर्गत प्रथम वरीयता के मतों की मतगणना के प्रत्येक चरण के वोटो की गिनती कर बोर्ड पर अंकित करने के साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से सभी प्रत्याशियों/उनके एजेंटों को अवगत कराया जा रहा है। @ceoup @ECISVEEP
🚨 वाराणसी ब्रेकिंग: MLC मतगणना के दौरान बड़ा आरोप! ​सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा का आरोप- "2 राउंड में 3,000 वोटों की बढ़त के बाद भी नतीजा रोका जा रहा है। सरकार के दबाव में हराने की साजिश हो रही है।" ​#VaranasiMLC #UPPolitics #BreakingNews @AshutoshMLC @MDhoopchandi
2
3
323
गोरखपुर-फैजाबाद खण्ड शिक्षक निर्वाचन, 2026 की मतगणना पं० दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय गोरखपुर के वाणिज्य संकाय में बनाये गये मतगणना केंद्र पर सभी अभ्यर्थियों की उपस्थिति में दिनांक 27 अक्टूबर, 2026 को प्रातः 8 बजे से प्रारम्भ हुई। पूरी मतगणना प्रक्रिया की निगरानी भारत निर्वाचन आयोग से नियुक्त प्रेक्षक द्वारा स्वयं की जा रही है। मतगणना कार्य का निरीक्षण उम्मीदवार एवं उनके द्वारा नियुक्त एजेंटों द्वारा सत्त किया जा रहा है। सभी चक्रो की गणना के परिणाम की उद्घोषणा अभ्यर्थियों के समक्ष की जा रही है। प्रत्येक राउंड का चार्ट प्रेक्षक की उपस्थिति में अभ्यर्थियों को दिया गया है। मतगणना प्रक्रिया अभी भी प्रक्रियाधीन है। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ceoup
2
14
2,400
CEO Uttar Pradesh retweeted
उत्तर प्रदेश के एमएलसी चुनाव के वाराणसी-खंड स्नातक के अंतर्गत प्रथम वरीयता के मतों की मतगणना के प्रत्येक चरण के वोटो की गिनती कर बोर्ड पर अंकित करने के साथ ही लाउडस्पीकर के माध्यम से सभी प्रत्याशियों/उनके एजेंटों को अवगत कराया जा रहा है। @ceoup @ECISVEEP
वाराणसी में MLC चुनाव की मतगणना के बीच सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा का आरोप- 3 हजार की बढ़त के बाद भी नतीजा न घोषित किया जा रहा है न ही जानकारी दी जा रही है #Varanasi #AshutoshSinha #समाजवादीपार्टी #SP #UPPolitics #वाराणसीब्रेकिंग #MLCElectionResults
1
4
10
1,548
CEO Uttar Pradesh retweeted
किसी “X“ पोस्ट के माध्यम से मेरठ विधानसभा के एक बी0एल0ओ0 के कथित आडियो क्लिप के बारे में संज्ञान में आया। प्रश्नगत आडियो क्लिप से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किस बूथ के बी0एल0ओ0 की किस व्यक्ति की वार्ता हो रही है। लगभग एक माह पूर्व में ही प्रकरण संज्ञान में आने पर इसकी विस्तृत जाॅच करायी गयी थी तथा जाॅच में यह तथ्य प्रकाश में आया कि किसी भी बी0एल0ओ0 की लाॅग इन आई0डी0 अथवा बी0एल0ओ0 एप के माध्यम से प्राप्त ओ0टी0पी0 को किसी भी व्यक्ति के द्वारा माॅगे जाने की पुष्टि नहीं हुई। इस सम्बन्ध में सम्बन्धित मा0 विधायक कोे वस्तुस्थिति से पूर्व में ही अवगत कराया जा चुका है। जहाॅ तक ई0आर0ओ0 को बदले जाने का प्रश्न है, पूर्व में नगर मजिस्ट्रेट मेरठ 48- विधानसभा, मेरठ के ई0आर0ओ0 थे। तत्कालीन नगर मजिस्ट्रेट के चिकित्सा अवकाश पर जाने के कारण अपरिहार्यता के दृष्टिगत अपर नगर आयुक्त, नगर निगम, मेरठ को सक्षम स्तर के अनुमोदन से ई0आर0ओ0 नामित किया गया था। @ceoup @ECISVEEP
3
7
2
26
5,974
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) *एक स्नातक तथा पांच शिक्षक क्षेत्र के उम्मीदवार विजयी घोषित* लखनऊ, 28 अक्टूबर, 2026 उत्तर प्रदेश विधान परिषद के 05 स्नातक व 06 शिक्षक द्विवार्षिक निर्वाचन-2026 के अंतर्गत अभी तक प्राप्त सूचना के अनुसार 01 स्नातक तथा 05 शिक्षक क्षेत्र के उम्मीदवारों को विजयी घोषित कर दिया गया है। घोषित परिणाम निम्नवत हैं- 1. मेरठ स्नातक क्षेत्र- दिनेश कुमार गोयल (भारतीय जनता पार्टी) 2. लखनऊ शिक्षक क्षेत्र- उमेश द्विवेदी (भारतीय जनता पार्टी) 3. वाराणसी शिक्षक क्षेत्र- लाल बिहारी यादव (समाजवादी पार्टी) 4. आगरा शिक्षक क्षेत्र- डॉo आकाश अग्रवाल (समाजवादी पार्टी) 5. मेरठ शिक्षक क्षेत्र- श्री चंद शर्मा (भारतीय जनता पार्टी) 6. बरेली- मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र- डाo हरि सिंह ढिल्लो (भारतीय जनता पार्टी) @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
15
35
3
204
37,387
Returning Officer Gorakhpur Faizabad Constituency has been instructed to quickly respond to the recent X posts mentioning boycott of elections by some candidates .
25
34
4
290
42,199
CEO Uttar Pradesh retweeted
मेरे द्वारा की गई शिकायत पर जिलाधिकारी महोदय ने तुरन्त कार्यवाही कराई मुझे मेरा एपिक प्राप्त हो गया है जिलाधिकारी महोदय का बहुत बहुत धन्यवाद
2
3
388
कार्यालय मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश (प्रेस विज्ञप्ति) विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत निर्वाचन कार्यों से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती पर भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देश जारी मंडलायुक्त, नगर आयुक्त तथा नगर निगम एवं विकास प्राधिकरणों में कार्यरत संबंधित अधिकारियों पर भी लागू होंगे निर्देश आबकारी व परिवहन विभाग के उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों सहित उच्च स्तर के अधिकारियों का भी होगा स्थानांतरण पिछले विधानसभा चुनाव या उपचुनाव में तैनात रहे अधिकारियों की उसी विधानसभा क्षेत्र/जनपद में पुनः तैनाती पर रोक एक ही जनपद में विगत चार वर्षो में 31 मई, 2027 तक तीन वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण करने वाले अधिकारियों का किया जाएगा स्थानांतरण मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक को स्थानांतरण एवं तैनाती संबंधी समेकित रिपोर्ट 30 नवंबर, 2026 तक आयोग को भेजनी होगी लखनऊ, 28 अक्टूबर, 2026 भारत निर्वाचन आयोग द्वारा आगामी विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2027 के दृष्टिगत निर्वाचन संबंधी कार्यों से सीधे जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं। आयोग ने निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता, पारदर्शिता तथा प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्ष भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं। आयोग के निर्देशों के अनुसार, निर्वाचन संबंधी कार्यों से सीधे जुड़े ऐसे अधिकारी, जिन्होंने एक ही जनपद में विगत चार वर्षो में 31 मई, 2027 तक तीन वर्ष पूर्ण कर लिए हो, उन्हें निर्धारित स्थानांतरण नीति के अनुसार जनपद से स्थानांतरित किया जाना है। इस संबंध में आयोग के निर्देशों से आच्छादित अधिकारियों के स्थानांतरण एवं तैनाती के संबंध में की गई कार्यवाही की समेकित रिपोर्ट 30 नवंबर, 2026 तक मुख्य सचिव एवं पुलिस महानिदेशक द्वारा भारत निर्वाचन आयोग को प्रेषित की जानी है। स्थानांतरण नीति के दायरे में जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिला निर्वाचन अधिकारी, रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर्स, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी/सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, अपर जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, तहसीलदार, खंड विकास अधिकारी तथा निर्वाचन कार्यों से सीधे जुड़े अन्य समान रैंक अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त मंडलायुक्त, नगर आयुक्त तथा नगर निगम एवं विकास प्राधिकरणों में कार्यरत संबंधित अधिकारियों पर भी आयोग के निर्देश लागू होंगे। पुलिस विभाग में उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों सहित उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों तथा आबकारी विभाग में उप निरीक्षक एवं समान रैंक के अधिकारियों सहित उनसे उच्च स्तर के अधिकारियों पर भी स्थानांतरण नीति लागू होगी। इसी प्रकार परिवहन विभाग के सब-इंस्पेक्टर एवं उनसे उच्च स्तर के क्षेत्रीय अधिकारियों के संबंध में भी आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही की जानी है। निर्देशों को लागू करते समय या अधिकारियों का तबादला करते समय, राज्य सरकार के संबंधित विभागों को यह ध्यान रखना होगा कि उन्हें उनके गृह जनपदों में तैनात न किया जाए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाये कि किसी भी जिला निर्वाचन अधिकारी/रिटर्निंग ऑफिसर/सहायक रिटर्निंग ऑफिसर, पुलिस इंस्पेक्टर/सब-इंस्पेक्टर या उससे ऊपर के अधिकारी को उस विधानसभा क्षेत्र या जनपद में वापस तैनात न किया जाए, या वहां बने रहने की अनुमति न दी जाए, जहां वे पिछले विधानसभा चुनाव या उसके बाद हुए किसी भी उपचुनाव के दौरान तैनात थे। राज्य मुख्यालयों में पदस्थ संबंधित विभागीय अधिकारियों, निर्वाचन कार्य से असंबद्ध तकनीकी कार्मिकों तथा सेक्टर ऑफिसर एवं जोनल मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अधिकारियों को सामान्यतः इस नीति से छूट प्रदान की गई है। आब्जर्वर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी एवं रिटर्निग ऑफिसर द्वारा उनके व्यवहार पर करीबी नजर रखना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे अपने कर्तव्यों का पालन निष्पक्ष और पक्षपात रहित तरिके से कर रहे हों। 31 मई, 2027 तक सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारियों को भी स्थानांतरण नीति से छूट मिलेगी, लेकिन वे निर्वाचन से जुड़े महत्वपूर्ण पदों के प्रभार में नहीं रहेंगे। @ECISVEEP @SpokespersonECI @ANINewsUP @PTI_News @ians_india @DDNewsUP @AIRNewsHindi
5
25
1
89
24,025
The findings of an investigation by The Reporters’ Collective regarding the SIR in UP, reported on the 9th of this month, confirm that, although some attempts at bulk submission of forms to remove voters’ names were made, the number of such instances across the whole of UP was not more than 200, and the number of names sought to be deleted across the state was not more than 5,000. What the report did not mention, however, was that, as a result of such attempts, fewer than 350 names were actually removed from the list. Of those names, no more than 100 were found to have been wrongly removed. Action has been taken or is being taken against those found guilty of any wrongdoing in this matter. Corrective action to restore the wrongly deleted names to the voter list has already been taken. In short, the claim of mass deletion of the names of Muslims, Dalits, etc., from the voter list in UP is not supported by the facts. (3/3)
1
245
The 26 Form-7 applications (for the removal of names from the voter list) received by the BLO from Mr Nandlal were never digitised or submitted on ERO-Net. Hence, none of those 26 names was removed from the voter list. An FIR under Sections 336(3), 340(2) and 318(4) of the BNS has already been lodged in this matter at PS Gosainganj, Sultanpur district. It is also informed that, since the completion of the SIR in UP on 10/04/2026, we have not received a single complaint from either the Samajwadi Party or anyone else regarding the mass deletion of names of their supporters, Muslims, or members of any marginalised community from the voter list. During the first half of February this year, the Samajwadi Party submitted a number of complaints regarding multiple attempts at bulk submission of Form-7 applications to remove the names of its supporters. As a result of the quick and effective action taken on those complaints, the issue was fully resolved by 18 February. Two press conferences were organised by this office in February, during which data was presented to the media to explain that the apprehension that mass deletion of names from the voter list had taken place, was misplaced and not supported by facts. The findings of an investigation by The Reporters’ Collective regarding the SIR in UP, reported on the 9th of this month, confirm that, although some attempts at bulk submission of forms to remove voters’ names were made, the number of such instances across the whole of UP was not more than 200, and the number of names sought to be deleted across the state was not more than 5,000. What the report did not mention, however, was that, as a result of such attempts, fewer than 350 names were actually removed from the list. Of those names, no more than 100 were found to have been wrongly removed. Action has been taken or is being taken against those found guilty of any wrongdoing in this matter. Corrective action to restore the wrongly deleted names to the voter list has already been taken. In short, the claim of mass deletion of the names of Muslims, Dalits, etc., from the voter list in UP is not supported by the facts.
In February this year, a young man from Uttar Pradesh's Sultanpur district came forward with a startling claim: applications bearing his forged signature had been submitted to the local booth-level officer (BLO) seeking the deletion of 26 individuals from his constituency's electoral roll, reports @omar7rashid. Alarmingly, Nandlal Nishad could not read and write, and relied on his thumbprint rather than a written signature. Nandlal's complaint prompted serious questions about the overall integrity of the special intensive revision (SIR) conducted by the Election Commission of India (ECI), with the Samajwadi Party (SP) using his case as an example to allege the poll body's connivance with the ruling Bharatiya Janata Party (BJP). It said the ECI had fraudulently deleted names of opposition voters – specifically voters belonging to Muslim, Dalit and other marginalised communities. How many more such cases from state after state do we need before the apex court will conclude that electoral manipulation is being resorted to by the ruling establishment and its Deep State on a monumental scale ? m.thewire.in/article/rights/… via @thewire_In
5
27
8,041
Replying to @samajwadiparty
उक्त के संदर्भ में अवगत कराना है कि समाजवादी पार्टी स्नातक प्रत्याशी शशांक यादव उर्फ सीटू मतगणना प्रारंभ के समय से ही मतगणना स्थल पर मौजूद है। उपरोक्त जो ट्वीट है वह भ्रामक एवं तथ्यहीन है। प्रत्याशी आरओ/एआरओ टेबल पर स्वयं मौजूद है। साक्ष्य हेतु फोटो संलग्न है। - सहायक रिटर्निग अफसर/जिलाधिकारी मथुरा, चंद्र प्रकाश सिंह.
3
6
1,471