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गोरखपुर मऊ नगरपालिका में 623 लोगों ने मतदान किया पर मतदान पेटी से 673 वोट निकले।🤦
UP MLC चुनाव भी पिछली बार की तरह तरह रहेगा. 11 में से 6 BJP 5 SP. इससे दोनों दलों में कोई आगे नहीं रहेगा और सबको अपनी जीत का एहसास रहे.
2027 के लिए Equal Ranking से चुनाव शुरू होगा. ना कोई आगे ना कोई पीछे.
UP MLC चुनाव बूथ Management का एक उदाहरण है जिससे हर दल को अपनी-अपनी कमी समझनी चाहिए. 2027 के लिए Lesson है सभी के लिए.
Man to Man Marking जरूरी है 27 के लिए. हर विधानसभा में कम से कम 24 कुल उम्मीदवार रहना चाहिए. 15 वाला खेल जो खेला हार जाएगा. More Man Power at Booth, Counting
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🚨BREAKING : Gen Z SAVAGE Reply to Rekha Gupta🔥🔥
Rekha : From Nov 1, vehicles registered before April 1, 2020 will face entry restrictions in Delhi till Jan 31, 2027.
Gen Z : Sir middle class ke paas paise ped pe nahi ugte🤡 Bike ki EMI abhi khatam hui thi, aur aap bol rahe ho nayi le lo 😭
Pradushan neta ji ki 50 gaadiyon ke convoy se, factory ke dhuen se, parali se hota hai, par challan sirf delivery boy ki 2019 wali Splendor ka kaatna hai🤡
Road pe gaddhe 2010 wale, traffic 1990 wala, sarkar ki soch 1950 wali, par gaadi 2020 se purani nahi honi chahiye 🤣
Gen Z is not holding Back🔥🔥
Aadhar linked to bank can be thought in same manner? Privacy?
Not Modi, but the Opposition in India is impossible to second guess.
ASTOUNDING U-TURN. WHAT HAPPENED TO “PRIVACY” CONCERNS? SACRIFICED AT THE ALTAR OF ELECTORAL POLITICS?
In 2021, Opposition leaders raised privacy and constitutional concerns over Aadhaar-voter ID linkage.
Now, SP chief Akhilesh Yadav demands that electoral rolls be linked to Aadhaar and biometric verification be made MANDATORY at every polling booth.
Why? Because SP chief says duplicate entries and electoral irregularities must be curbed.
But if Aadhaar linkage was a threat to privacy then what about now?
PRINCIPALS OF POLITICAL CONVENIENCE?
भारत से अमेरिका तक चुनावी जुमलों का अंतरराष्ट्रीय आदान-प्रदान
भारत में अब्दुल जीता तो ये होगा, अब्दुल आया तो वो होगा.
अमेरिका में भी अगर यही अंदाज़ अपनाया जा रहा है,
मुद्दे अलग, मुल्क अलग, मगर डर दिखाने की चुनावी स्क्रिप्ट एक जैसी.
अब खोजी पत्रकारिता का नया नियम होगा, पहले घोटालेबाज़ से अनुमति लीजिए, फिर घोटाले की खबर छापिए.
पत्रकार: हुज़ूर, आपके भ्रष्टाचार की पोल खोल दें?
नेताजी: अभी नहीं भाई, पहले सबूत मिटा लेने दो!
फिर इसे खोजी पत्रकारिता नहीं, सहमति वाली पत्रकारिता कहिए
पत्रकारिता नहीं, जनसंपर्क है
खोजी पत्रकारिता मुश्किल?
केंद्र सरकार ने डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) बनाया है. यह कानून अगले साल मई से लागू होगा. डिजिटल न्यूज़ पब्लिशर्स एसोसिएशन ( DNPA) ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. याचिका में दावा किया गया है कि इस कानून के बाद खोजी पत्रकारिता करना मुश्किल होगा.
यह कानून बना तो पर्सनल डेटा के प्रोटेक्शन के लिए है लेकिन पत्रकार भी इसके दायरे में आ गए हैं. तीन आपत्तियाँ हैं
रिपोर्टर किसी पर स्टोरी कर रहा है तो उस व्यक्ति से सहमति ( Consent) लेनी पड़ सकती है. इसमें डर यह है कि जिस पर स्टोरी हो रही है वो सबूत नष्ट कर सकता है. वो अड़ंगा लगा सकता है.
अगर किसी व्यक्ति पर कोई स्टोरी हुई है तो वो डेटा हटाने की माँग कर सकता है. इसके चलते स्टोरी में बदलाव करना पड़ सकता है.
सरकार स्टोरी से संबंधित डेटा माँग सकती है. इससे सोर्स का पता चल सकेगा. सोर्स की पहचान सार्वजनिक होने लगे तो लोग जानकारी देने से डरेंगे.
कुल मिलाकर खोजी पत्रकारिता पर आँच आ सकती है. सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होने की संभावना है.
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रामलीला मैदान दिल्ली का मंच एक कमरे जितना ऊँचा है।बाबा रामदेव वही बैठकर 2011 में काले धन के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे थे।उनके साथ रोहतक झज्जर के कई जाट आर्यवीर मंच पर ही दंड पेल रहे थे।गमले रखे थे मंच पे ही।पूरा आयुर्वेदिक माहौल था।रात को दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी जवानों के साथ शांतिप्रिय तरीके से बातचीत करने वहाँ पहुंचते हैं।दिल्ली पुलिस के कमिश्नर मंच के पास आकर माइक लेकर बोलने ही लगे थे की मंच पर दण्ड पेलकर हटे अंधेरे का फायदा उठाते हुए 1 जाट आर्यवीर ने भारी सा गमला उठाया और नीचे मारा फेंककर।गमला सीधा दिल्ली पुलिस के मुखिया सीपी की छाती में लगा जाकर।सीपी वहीं ढेर।साँस लगभग रुक सी गई।दिल्ली पुलिस के अफ़सरों ने उन्हें घेर लिया।सबको लगा की मर गए हैं।कई देर छाती हाथ पैर रगड़े।सीपी को थोड़ा होश सा आया।होश आते ही सीपी दर्द भरी आवाज में मुश्किल से बोलते हैं की मारो बहनचोदों।उनका इतना कहना था की दिल्ली पुलिस ने क़हर बरपा दिया वहाँ।रोहतक झज्जर वाले आर्यवीर तो सबसे पहले भागे।बाबा रामदेव सलवार पहनकर भागे वहाँ से।अगर नहीं भागते तो शायद उनकी जान चली जाती उस दिन।
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थाना सआदतगंज क्षेत्रांतर्गत कार पार्किंग को लेकर हुए विवाद में फायरिंग की घटना में तीन व्यक्तियों की मृत्यु एवं आरोपी की गिरफ्तारी के संबन्ध में श्रीमान पुलिस आयुक्त महोदय, श्री तरूण गाबा द्वारा दी गयी बाइट ।
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