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Uttar Pradesh, India
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जहां जहां SIR के नाम पर वोट काटे गए वहां वहां NDA जीता।
202 में से 128 सीटों पर SIR ने खेला किया ये चुनाव परिणाम के बाद डाटा से स्पष्ट है।
बिहार का परिणाम जनादेश नहीं बल्कि ज्ञानादेश है यानी चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी के द्वारा भाजपा के पक्ष में की गई मेहनत का परिणाम है।
भाजपाई और चुनाव आयोग की मिलीभगत का परिणाम है बिहार का चुनाव परिणाम। शर्मनाक।
ये पत्तलकार महोदय पहले नोएडा के स्ट्रिंगर हुआ करते थे, वहां से कई अधिकारियों की दलाली करके और सपा सरकार के दौरान हमारे ही कुछ नेताओं की मदद से आगे बढ़े, सपा के नेता ऐसे मौकापरस्तों दलालों से सावधान रहें, जो न्यूट्रल पत्रकारिता की जगह भाजपा आईटी सेल की तरह काम कर रहे हैं
यूपी में भाजपा की सरकार आने के बाद से ये लगातार ‘मृत्युजंयी’ रूपी सरकारी जाप करने लगे, अब “विशाल” शक्ति की पूजा की जा रही है, ताकि सरकारी विज्ञापन तो मिले ही मिले, नोएडा-ग़ाज़ियाबाद में बिल्डर, इंडस्ट्री और अन्य बड़े लोगों को मीडिया के नाम पर ब्लैकमेल किया जा सके और दलाली से अपना घर भर सकें
हम सभी उत्तर प्रदेश वासियों और अपने समर्थकों से अपील करेंगे कि ऐसे मौक़ापरस्त पत्तलकारों से दूर रहें, इन्हें सपा कार्यकर्ताओं का संघर्ष नहीं दिख रहा है, भाजपा की बेईमानी और सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग के बाद भी सपा के कार्यकर्ताओं ने MLC चुनाव जीता है इसीलिए ये सभी बौखला गए हैं
यह बहुत बारीकी से सपा को बदनाम करने का एजेंडा लिए घूम रहे हैं
MLC चुनाव: “आलाकमान कह दे तो दो घंटे में सारी सीटें जितवा दूँ…”
बीजेपी के एक ऊर्जावान नेता से फोन पर MLC चुनाव को लेकर बातचीत हो रही थी।
मैंने उनसे पूछा, “भाई साहब, चुनाव के नतीजे जिस तरह आ रहे हैं, उससे क्या लगता है? क्या ये चुनाव सरकार के दम पर जीते जाते हैं?”
उन्होंने पूरे आत्मविश्वास से कहा, “भाई साहब, ये चुनाव सरकार का होता है। आलाकमान अभी भी कह दे कि ये सीटें जीतनी हैं, तो मैं दो घंटे में सारी सीटें जितवाकर दे दूँ।”
मैंने हैरानी से पूछा, “लेकिन कैसे? चुनाव तो वोटों से जीता जाता है।”
वह बोले, “जैसे समाजवादी पार्टी की सरकार के समय होता था।”
मैंने पूछा, “क्या होता था सपा के समय?”
उन्होंने कहा, “अधिकारियों को जीत का टारगेट दिया जाता था। कमिश्नर और डीएम को साफ संदेश होता था कि नतीजा क्या चाहिए।”
मैंने पूछा, “तो आप भी यही करेंगे?”
उन्होंने जवाब दिया, “मैं कमिश्नर और डीएम से कहूँगा—साहब, आपके पास सिर्फ दो घंटे हैं। दो घंटे बाद दूसरे कमिश्नर और डीएम तैनात हो रहे हैं। मुझे हर हाल में जीत का सर्टिफिकेट चाहिए!”
उनकी बात सुनकर मैं कुछ पल के लिए खामोश हो गया।
सवाल सिर्फ MLC चुनाव का नहीं है। सवाल यह है कि चुनाव में जीत का लक्ष्य वोटों से हासिल होना चाहिए या अधिकारियों पर दबाव बनाकर?
लोकतंत्र में जीत का प्रमाणपत्र जनता और मतदाताओं के जनादेश से मिलना चाहिए, किसी अधिकारी के डर से नहीं।
कल रात जब वाराणसी स्नातक सीट से सपा प्रत्याशी श्री आशुतोष सिन्हा विजयी हुए तो उनके और भाजपा प्रत्याशी के बीच जीत का अंतर लगभग 17 हजार कुछ वोटों का था
उसके बाद भाजपा प्रत्याशी और भाजपाइयों ने गुंडई की, चुनाव लूटने का प्रयास किया, लेकिन समाजवादी पार्टी के नेताओं कार्यकर्ताओं की सजगता और सतर्कता से चुनाव लूटा नहीं जा सका
उसके बाद आखिरी दांव खेलते हुए भाजपा के लखनऊ हेडऑफिस से फोन गया और रिकाउटिंग की भाजपा की ओर से माँग हुई
भाजपाइयों का प्रयास ये था कि जब सपा के नेता कार्यकर्ता घर चले जाएंगे तो रात अंधेरे चुनाव लूट लिया जाएगा लेकिन रात भर सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव जी एक्टिव रहे एवं मतगणना स्थल मौके पर तमाम समाजवादी एकत्र हो गए, सतर्क सजग और मजबूती से डटे रहे
परिणाम ये हुआ कि जो चुनाव कल सपा प्रत्याशी 17 हजार कुछ वोटों से जीता था वही चुनाव रीकाउंटिंग में सपा प्रत्याशी लगभग बीस हजार वोट से जीता
सवाल यहां पर ये है कि कल के परिणाम और आज के परिणाम में दो ढाई हजार वोटों का अंतर आखिर कहाँ से आया?
इसका मतलब साफ है कि हजारों हजार वोट कई सीटों पर भाजपा ने हेर फेर कर लिए, कई सीटें बेईमानी से हथिया लीं, सोचिए जरा इस परिणाम को देखकर
भाजपा जो कि जनमत की लुटेरी, गुंडई करने वाली, महाभ्रष्ट, अपराधी और बेईमान पार्टी बन चुकी है ऐसी भाजपा और भाजपा नियंत्रित चुनाव आयोग से निष्पक्ष चुनाव की अपेक्षा कैसे की जा सकती है भला?
ये वोट चोर भाजपा ने 2022 का चुनाव भी ऐसी ही बेईमानी से लूटा था और सपा को बेईमानी से हराया गया था, लेकिन इस बार हम सतर्क, सजग और मजबूती से तैयार हैं, कोई बेईमानी जनता और समाजवादी होने नहीं देंगे ये तय है
"बदहाल है उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था!"
#नहीं चाहिए भाजपा
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प्रिय मतदाताओं,
भाजपा एक 'फ़्लॉप शो' बन गई है।
भाजपा वाले वाराणसी में पहले ‘काउंटिंग’ में हारे, फिर दोबारा ‘री-काउंटिंग’ में हारे, मतलब दो बार मतगणना हुई और दोनों बार भाजपा और उनके संगी-साथी हारे।
ये डबल इंजन की डबल हार है।
विधान परिषद के चुनावों में भाजपा की हार ने 2027 में होने वाले उ.प्र. विधानसभा चुनाव की प्रस्तावना लिख दी है। ये एक तरफ़ भाजपा की ‘शिक्षक, शिक्षार्थी व शिक्षा’ विरोधी नीतियों की हार है, तो दूसरी तरफ़ पढ़े-लिखे ‘बेरोज़गार स्नातकों’ ने भी अपना फ़ैसला सुना दिया है।
भाजपा ने हर समाज को जिस तरह ‘पीड़ित, दुखी, अपमानित’ किया है, उससे सभी उत्पीड़ित एक साथ आ गए हैं। पीडीए का जनाधार अब 95% हो गया है, क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’!
इससे भाजपा में अस्तित्व का संकट शुरू हो गया है, क्योंकि भाजपा के अंदर तो सभी लोग जानते हैं कि जो सीटें भाजपा जीती भी है, वो भी हेराफेरी से जीती गई हैं। भाजपा की अंदरूनी फूट से डबल इंजन की टकराहट और बढ़ गई है। इसीलिए भाजपाई प्रत्याशी विधानसभा चुनाव लड़ने की हिम्मत पूरी तरह हार गए हैं। जो भाजपा अब तक प्रत्याशियों का सर्वे करा रही थी, वो अब दूरबीन लेकर प्रत्याशी ढूँढ़ रही है, पर कहीं कोई नज़र नहीं आ रहा है।
भाजपा की टिकट की खिड़की खाली है।
इस उत्साहवर्धक जीत के लिए उ.प्र. के परम आदरणीय शिक्षकगण व अपने भविष्य के लिए चिंतित युवाओं का हम हृदय से आभार प्रकट करते हैं कि उन्होंने न केवल हमें वोट दिया, बल्कि हमारे ‘पीडीए प्रहरियों’ के साथ यथासंभव निगरानी भी रखी और प्रमाणपत्र मिलने तक डटे रहे।
हम अपने सभी जीते हुए प्रत्याशियों को बधाई देते हैं और उनको भी, जिनको चालबाज़ी-जालसाज़ी से हराया गया। दरअसल हमारा कोई भी प्रत्याशी हारा नहीं है, बस वो भाजपाई हेराफेरी के आगे जीत नहीं पाया। हम उनका भी बराबर अभिनंदन करते हैं। हमारे लिए वे सब भी बिना सर्टिफ़िकेट के विजेता हैं।
यही सजगता और एकजुटता 2027 में हमारी सरकार बनाने के लिए ‘निर्णायक नींव’ बनेगी।
पुनः सभी मतदाताओं को कोटि-कोटि हार्दिक धन्यवाद!
आपका अखिलेश
Samajwadi Party Media Cell retweeted
डबल इंजन का डबल ज़ीरो!
#वाराणसी
आओ बाबा जी
AI -AI वाला विशाल सिंह निर्देशन वाला वीडियो वीडियो फिर से खेलें?
नियति यही है आपकी, जो गंदगी भाजपा ने आपके अकुशल नेतृत्व में फैलाई है उस गंदी टर्फ पर अंततः रपटना आपको ही है, भाजपाइयों को ही है
सोचिए जरा कि सत्ता जाने के बाद क्या क्या मामले खुलेंगे? जितने कुकर्म कांड हैं वो सब सामने आने वाले हैं, आपको जितना गंदा बोलना है खूब बोलिए, जितनी गंदगी फैलानी है खूब फैलाइए, इतनी गंदगी फैलाने के बाद जनता का जनादेश तो आपने देख ही लिया, अब और गंदगी के बाद का जनादेश भाजपा को दफ़्न कर देगा और आपका क्या होगा जनाबे आली ये तो भाग्य ही जाने
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के द्विवार्षिक निर्वाचन- 2026 में विजयी सभी प्रत्याशियों को हार्दिक बधाई।
विश्वास है कि आप सभी शिक्षकों एवं स्नातकों की आकांक्षाओं को सशक्त स्वर देते हुए उनके हितों के संरक्षण, शिक्षा के उन्नयन और प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
आप सभी के यशस्वी कार्यकाल हेतु अनंत मंगलकामनाएं।
2024 में हमने ही भाजपा को हराया था, 2027 में भाजपा को हम ही हराएंगे
भाजपा को हराकर हम अपनी PDA सरकार बनाएंगे, हम अपने अखिलेश जी को लाएंगे
सपा प्रमुख श्री अखिलेश यादव जी ने पिछले कई चुनावों में अपनी शानदार रणनीति, नेतृत्व और कार्यकुशलता से भाजपा को पटखनी दी है और ये साबित किया है कि हम ही भाजपा को पटखनी देंगे और हराएंगे
सिर्फ समाजवादी पार्टी ही भाजपा को हरा सकती है
सिर्फ श्री अखिलेश यादव जी की शानदार रणनीति ही भाजपा को हरा सकती है
वाराणसी जो भाजपा का गढ़ कहा जाता है, काशी जहां से प्रधानमंत्री मोदी जी सांसद हैं वहां से भाजपा का इतना बुरा हारना 2027 का स्पष्ट संदेश दे रहा है
लहर बड़ी करारी है, चिलम पे साइकिल भारी है
सपा ने भाजपा को अयोध्या हराया (LS)
सपा ने भाजपा को मथुरा एरिया हराया(MLC-T)
सपा ने भाजपा को प्रयागराज में हराया (MLC-G)
सपा ने भाजपा को काशी में हराया (MLC -G&T)
LS - लोकसभा
MLC - G - स्नातक T - शिक्षक
भाजपा जिन धर्मस्थलों का नाम लेकर राजनीति करती थी और भाजपा ने जिस धर्म को लूटा, सनातन को ठगा, वहां की सनातनी जनता ने भाजपा को सबक सिखाया, बुरी तरह से चुनाव हराया
भगवान राम ने, भगवान महादेव ने, भगवान कृष्ण ने सनातन विरोधी लुटेरी भाजपा को श्राप दिया है, सजा दी है
ये चंदा चढ़ावा चोर भाजपाई, मंदिरों को तोड़ने वाले भाजपाई, गरीबों को परेशान करने और उजाड़ने वाले भाजपाई को अब जनता बर्दाश्त नहीं कर रही है
हार जीत का अंतर इतना बड़ा है कि भाजपा चाह कर भी बेईमानी करवा नहीं पा रही, बहुत दबाव डाला गया अधिकारियों पर कि परिणाम बदल दिया जाए, परंतु सपा प्रत्याशी और भाजपा प्रत्याशी के बीच मतों का अंतर बहुत अधिक होने के कारण अधिकारी भी घबरा रहे हैं
भाजपा ने कई स्थानों पर कम अंतर होने के कारण जबरन चुनाव हथिया लिया, इस तरह से कल 11 में से भाजपा ने जबरन कई सीटें बेईमानी से जीत लीं
लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव और जनमत का आदर करना अनिवार्य है, परंतु भाजपा ने सभी मर्यादाओं नियमों को ताक पर रखकर गुंडागर्दी की, अधिकारियों पर दबाव बनाया और कई सीटों पर बेईमानी कर ली
यह MLC चुनाव रिजल्ट दर्शाता है कि यूपी में भाजपा के पैरों के तले से जमीन खिसक चुकी है, भाजपा जनमत खो चुकी है और भाजपा 2027 में बुरी हार हारने जा रही है
@ceoup @ECISVEEP





















