30 लाख दीपों की दिव्य आभा, असंख्य श्रद्धालुओं की भावनाओं की अभिव्यक्ति और आस्था के अद्भुत संगम से सजा यह दीपोत्सव सदैव स्मृतियों में अविस्मरणीय रहेगा। 🪔✨
#दीपोत्सव #अयोध्या #रामनगरी #जयश्रीराम
#AyodhyaGlows
नेतृत्व की क्षमता आपके आकार पर नहीं,
आपके रवैये पर निर्भर करती हैं...!!
#सुप्रभात
रोशन हमने शहर कर दिया बखरी खाली गाँव की
बस यादों में बची हुयी है वह दीवाली गाँव की !
एक दिया तुलसी चौरे पर
एक दिया बक्खारी पर
एक दिया चारा मशीन पर
एक दिया अलमारी पर
एक दिया भोले बाबा पर
एक दिया था घारी पर
एक दिया रखती थी दादी
छोटी एक पिटारी पर
भूली नहीं अभी तक हमको रात उजाली गाँव की !
बस यादों में बची हुयी है वह दीवाली गाँव की !
छोटी फुलझड़ियों के पीछे -
पीछे मन पागल रहता
पैर छू लिये दीवाली में
हर झगड़े का हल रहता
धन थोड़ा कम था पर मन -
में रिश्तों का संबल रहता
निर्लज्जता नहीं थी सबकी
आँखों में काजल रहता
खुशियों में छुप ही जाती थी सब कंगाली गाँव की !
बस यादों में बची हुयी है वह दीवाली गाँव की !
घर परिवार अलग है कोई
दिल्ली में लुधियाने में
सबको अड़चन आ जाती है
दीवाली पर आने में
नंबर तक है नहीं फोन में
इतने व्यस्त कमाने में
गाँव बुलाता है रो रो कर
हमको उसी जमाने में
हम सब साथ लिये फिरते हैं वह खुशहाली गाँव की !
बस यादों में बची हुयी है वह दीवाली गाँव की !
#ज्ञानप्रकाश_आकुल • #संकलन
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सियावर रामचंद्र की जय....
30 लाख दीपक...
शानदार आतिशबाजी...
लेजर शो...
ये हैं रामलला की अयोध्या जी
#AyodhyaGlows
आ गया वनवास का दिन, आज वन के भाग्य जागे
रह गए बस रोकते पथ, अश्रु कितने ही अभागे
तुम व्यथा समझो हमारी
छोड़कर हमको न जाओ
राम! वापस लौट आओ।
है निशा निस्तब्ध, निष्प्रभ हो गयी है रातरानी
आह! उस अट्टालिका पर है सिसकती एक रानी
जो किया अपराध उसको, नाग बनकर डस रहा है
पाप का ये पाश, उसका आज अंतर कस रहा है,
ग्लानि से मन गल चुका है
और अब तुम मत रुलाओ
राम! वापस लौट आओ।
दीप अब भी जल रहे पर दीप्ति उनकी खो गई है
नवसुहागन इक अवध की अब वियोगन हो गई है
कल चढ़ा सौभाग्य जिस पर, रिक्त क्यों है कोश उसका?
राम बस इतना बता दो, क्या भला है दोष उसका?
उर्मिला के आँसुओं का
मान रख लो, मान जाओ!
राम! वापस लौट आओ।
वक्ष पर साकेत के, हाँ! ये नियति के घात कैसे?
राम! माताऐं सहेंगी, ये दु:सह संताप कैसे?
हाय पितु के धैर्य के भी सेतु सारे टूटते हैं
छूटते हो तुम कि उनके प्राण उनसे छूटते हैं
ये सताए हैं समय के
तुम नहीं इनको सताओ
राम! वापस लौट आओ।
© Swarika Kirti ❤️🙏
#संकलन #Diwali #DiwaliSpecial
"दीप तो हर साल जलते हैं घरों में...
इस बार कुछ उजाले मन के भीतर भी उतरने दीजिए..."
#नंदिनी • #संकलन #शुभ_दीपावली
हे प्रभु !
मेरा वहम तोड़ते रहना,,
जो मेरा नहीं है, वो रिश्ता छोड़ते रहना.
#संकलन
हर संबंध का अंत
विरोध में नहीं होता ,
कुछ संबंधों से मन इसलिए विरक्त
हो जाता है क्योंकि
निरंतर समझौते करते करते एक दिन
आत्मा स्वयं से ही अपरिचित
लगने लगती है..!
#संकलन
मार्ग वाला यदि अच्छा हो तो
पीछे रहने में कोई बुराई नहीं ...!!
#संकलन • #SundayVibes
















