Up18 News (@Up18N) header
Up18 News (@Up18N) profile picture

https://xitter.gq/t.co/6qoCqXUqL1 serves #news #hindinews #upnews #indianews #politics #sports #entertainment #cricket. https://xitter.gq/t.co/ryocP7C5hE, #sheetal singh

Uttar Pradesh, India
Joined July 2018
Photo by Up18 News (@Up18N)Photo by Up18 News (@Up18N)Photo by Up18 News (@Up18N)Photo by Up18 News (@Up18N)Photo by Up18 News (@Up18N)Photo by Up18 News (@Up18N)
Up18 News retweeted
अब पंजाब के हजारों किसान दिल्ली आ रहे हैं। अमेरिका–भारत ट्रेड डील का विरोध कर रहे हैं। शंभू बॉर्डर को हरियाणा पुलिस ने बंद कर दिया है। मोटे–मोटे सीमेंटेड पत्थर वाले बेरिकेड लगाए हैं। JCB तैनात की गई हैं। किसानों को दिल्ली पहुंचने के लिए हरियाणा सरकार का यह बैरिकेड पार करना होगा।
80
1,389
59
5,601
338,396
ज़ुल्म की उम्र लंबी नहीं होती; समय अंततः हर तानाशाही से हिसाब लेता है।
149
2,614
112
6,347
144,568
Delhi RML Hospital /Sensitive Visuals Injured protesters undergoing treatment at Delhi's RML Hospital. Several have suffered fractures to their arms and legs. Injured police personnel are also admitted here, but I am not sharing their photographs for their privacy. The protesters' images have been shared with their consent. Hospital sources says Around 110 injured people were brought to RML Hospital, including 30- 35 police and RAF personnel. A 21-year-old girl from Uttam Nagar remains in the ICU in critical condition and has not yet regained consciousness. #JantarMantar
55
915
48
2,201
401,932
राम मंदिर में हुई लूट राष्ट्र की सबसे बड़ी लूट है, प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोले #सपा सांसद #अयोध्या #अवधेशप्रसाद।
41
Sheena Chohan’s Hollywood-Style Shoot Sparks Buzz😍🥰 Award-winning actress @sheena_chohan has sparked curiosity with a striking Hollywood-style editorial photoshoot, hinting at exciting new international projects o the horizon. Sharing the images, Chohan teased: “New sto
65
Turning an ordinary Thursday into a fitness inspiration moment, @iamseeratkapoor is setting the bar high with her latest gym selfie. 💪✨ #SeeratKapoor #Iamseeratkapoorfans #SeeratKapoorPostWorkout #TollywoodqueenSeeratKapoor
55
एक अच्छी खबर 🎉 अबसे उज्ज्वला योजना के सब्सिडी वाले सिर्फ 4 सिलेंडर मिलेंगे. अभी तक 9 सिलेंडर मिला करते थे. जब योजना शुरू हुई तो साल में 12 सिलेंडर मिलते थे, फिर इसे 9 किया और अब 4 कर दिया. बाकी मनमोहन सरकार में सबको LPG पर सब्सिडी मिलती थी, 410 रुपए का सिलेंडर आता था.
67
1,239
14
4,177
48,184
facebook.com/share/v/1D8nNcW… क्या सुकन्या देवी जिसका राहुल गांधी और उसके विदेशी मित्रों ने बलात्कार किया था अपने परिवार सहित कभी मिलेगी? ऐसे इस दुष्ट ने कितने बलात्कार किये होगे?
इस देश मे कुछ सवाल सिर्फ राहुल गांधी के लिए रिजर्व हैं। जिनका दायरा, मोहम्मद गोरी लेकर खलजी, बाबर, औरंगजेब, अंग्रेज, नेहरू, इन्दिरा, मनमोहन तक फैला हो सकता है। ●● राहुल की क्वालिफिकेशन के बारे मे रामचन्द्र गुहा का सवाल, ऐसा ही स्पेशल सवाल है। भारत के 99% नेता, नेता बनने के पहले क्या करते थे, इसकी जानकारी न तो आम लोगो है, न वे इसकी परवाह करते हैं। मसलन, बिना कोई अनुभव , बिना कोई चुनाव लड़े, डायरेक्ट शपथ लेकर अनिर्वाचित मुख्यमंत्री बनने के पहले, हमारे प्रधानमंत्री क्या करते थे?? पब्लिक डोमेन में इसकी सूचना शून्य है। अब भले वे खुद स्वीकार करें, कि वे पढ़े लिख नही पाये, स्टेशन पर चाय बेची, 35 वर्ष भिक्षाटन करते रहे - तो भी इससे किसी को फर्क नही पड़ता। मगर राहुल के बारे मे जानना है। गहराई से, और तथ्यपरक जानना है। और नकारना है। ●● दरअसल राहुल से उसकी योग्यता नही पूछी जाती, उन्हें प्रच्छन्न रूप से निर्योग्य घोषित किया जाता है। और निर्योग्यता का एक ही कारण है- गांधी सरनेम के साथ पैदा होना.. और दरअसल यही गुहा जैसो का ऑब्जेक्शन है। वरना तो 5 बार का सांसद, 4 राज्य सरकारो का पॉवर सेंटर, केंद्रीय सरकार में 10 साल तक निर्णय बदलने की ताकत रखने वाला शख्स. जिसे विभिन्न संसदीय समितियों में दो दशक का अनुभव हो, पब्लिक पॉलिसी की पुख्ता समझ हो, कैम्ब्रिज मे पढ़ा हो और और अर्थव्यवस्था की दशा दिशा की बार बार सटीक पूर्वसूचना देता हो, अगर किसी और दल या देश में में 100 सांसद लेकर बैठा होता.. तो उससे यह सवाल करने की हिम्मत किसी मे न होती। ●● लेकिन आप राहुल से पूछ सकते है। क्योकि राहुल से डर नही लगता। रामचन्द्र गुहा का वह वीडियो हमने देखा है, जिसमे सरकार के विरुद्ध तख्ती लेकर खड़े हो जाने भर से पुलिस उन्हें कुत्तो की तरह घसीटकर ले गई। इसके बाद वे दोबारा सरकार के नाम की तख्ती लेकर चौराहे पर नही गए। राहुल के नाम की तख्ती सेफ है। गुहा को पता है। ●● और यही "सेफ" फीलिंग राहुल की उपलब्धि है। उसके 20 साल के पोलिटिकल करियर का एसेंस है। रामचन्द्र गुहा इस देश मे भाजपा/ मोदी की हेजेमनी को राहुल पर थोपते है, तो उनके इतिहासकार होने की समझ पर शक होता है।दरअसल, जो वे स्वीकार करने से बच रहे है, वो यह कि आज देश की राजनीतिक हालात, एक आम चुनावी राजनीति नही, एक कंट्रोल्ड सामाजिक परिवर्तन है। यह परिवर्तन, मीडिया, ज्युडिशयरी, चुनाव आयोग, ब्यूरोक्रेसी और एजेंसियों के शीर्ष पर कठपुतलियां बिठाकर थोपा गया है। जिसके नीचे जनाक्रोश उबल रहा है। ●● इस आक्रोश की प्रतिक्रिया को विस्फोटक, और विध्वंसक होने से बचाने, और गृहयुद्ध समान हालात टालने के लिए किसी भी विपक्ष को बहुत धैर्यवान, सॉफ्ट होने की जरूरत है। वरना जिस स्ट्रीट फाइट, सँगठनीकरण और आक्रामक राजनीति की अपेक्षा, राम गुहा आज राहुल गांधी से कर रहे है- उसका नतीजा पिछले 1 माह का बंगाल, और 3 साल से मणिपुर देखकर समझ लेना चाहिए। आप पूरे देश मे ऐसा चाहते हैं??? ●● गम्भीर इतिहासकार जानता है, कि ऐसी सत्ता अपनी कब्र खुद बड़ी गहरी खोदती है। मौजूदा दौर उन भावनाओ का एक्सप्रेशन है, जिसे हमारे समाज ने 70 साल तक ऐसे छिपा रखा था रखी थी, जैसे कोई बूढा अपने किशोर उम्र के कुटैव छिपाकर रखता है। बेहयाई को मान्यता मिलते ही वह धारा खुलकर खेल रही है। लेकिन तमाम धन, ताकत, नंगई और मैनिपुलेशन के बावजूद 37-38% जनसमर्थन उसका पीक था। अब तो आगे सिर्फ ढलान है। ●● गुहा हों, या उनकी तरह डेस्परेट दूसरे लोग, जान लें कि हिंदुस्तान की आत्मा इस तरह बहुत देर कुचली नही जा सकती। इस झँजवात से बाहर निकलने का रास्ता, यह देश जल्द तय करेगा। पर उस उबाल का पथ प्रदर्शक कोई ईमानदार, दूरदर्शी, और नैतिक मूल्यों पर ठहराव रखने वाला ऐसा शख्स होना चाहिए। जो शांति, साहचर्य और मेल मिलाप का चेहरा हो। इस वक्त, बिलाशक.. वह राहुल है। ●● इस दौर का बुद्ध है। जिसे महज राजघराने की पैदाइश की वजह से खारिज कर देना, और खास तरह की प्रतिक्रियाओं की आशा रखना, बौद्धिक नही- बायस्ड होने के लक्षण हैं। जो राम गुहा कई बार प्रदर्शित कर चुके हैं। उनका फैन होने के नाते उन्हें सप्रेम सलाह है कि वे समाज मे अपनी उम्र औऱ अनुभव का आडम्बर बनाये रखें। भ्रम और खीज की शिकार जुबान को विराम दें। और मौन की शक्ति महसूस करें।
33
3
2
16
11,693
Up18 News retweeted
सोना मत ख़रीदो… दरअसल हिसाब गड़बड़ है। और इस बार कहानी सिर्फ़ सोने की नहीं है। कहानी उस उधार की है… जिसका ब्याज़ अमीर कमाएँगे, और किश्तें तुम भरोगे। ●● 2015 में एक योजना आई Sovereign Gold Bond महामानव ने कहा ,“मित्रों, तुम सोना मत खरीदो, हमें पैसे दे दो। हम तुम्हारे नाम का सोना मान लेंगे। ऊपर से ढाई प्रतिशत ब्याज़ भी देंगे।” वाह। मतलब जनता का पैसा सरकार के पास…और जोखिम? वो बाद में देखा जाएगा। ●● अब ज़रा हिसाब सुनिए। 2017 में सरकार पर SGB की देनदारी थी लगभग 6,664 करोड़। फिर सोने के दाम बढ़ते गए, रुपया गिरता गया, डॉलर महंगा होता गया। और 2023-24 आते आते वही देनदारी पहुँच गई 68,598 करोड़ पर। 930% की छलांग। सिर्फ़ सात साल में। ब्रिटिश साम्राज्य इतने तेज़ नहीं फूला, जितनी तेज़ यह देनदारी फूली है। और अब कुल अनुमानित बोझ?लगभग डेढ़ लाख करोड़। हाँ… वही डेढ़ जिसके पीछे इतनी शून्य लगती हैं कि आम आदमी की पूरी ज़िंदगी कैलकुलेटर बन जाए। ●● अब पूरा खेल समझिए। जिसने चार किलो सोना बॉन्ड में खरीदा था…उसका क्या गया? सोना महंगा हुआ फायदा उसका।ऊपर से 2.5% ब्याज़ अलग। मतलब शादी भी उसकी… बैंड भी उसका… और बिल कौन भर रहा है? हम आप। क्योंकि सरकार पैसा पेड़ से नहीं तोड़ती। सरकार जब ये क़र्ज़ चुकाती है तो, GST से चुकाती है। पेट्रोल से चुकाती है। टोल से चुकाती है। सिलेंडर से चुकाती है। तुम्हारी सैलरी से चुकाती है। तुम्हारी चुप्पी से चुकाती है। ●● कहानी का सबसे ख़तरनाक हिस्सा क्या है जानते हो? सरकार ने जनता से पैसा लिया सोने के नाम पर… लेकिन उतना फिजिकल सोना खरीदा ही नहीं गया जितना बॉन्ड बेचे गए। अब सोना आसमान छू रहा है। मतलब जिसने उधार लिया था, उसे अब बाज़ार भाव पर लौटाना पड़ेगा। और बाज़ार भाव तय कौन करता है? नोएडा का टॉमी मीडिया नहीं… डॉलर करता है। यानी एक तरफ़ रुपया कमज़ोर।दूसरी तरफ़ सोना महंगा।तीसरी तरफ़ ब्याज़ अलग। इसे अर्थशास्त्र में liability कहते हैं। गाँव में इसे कहते हैं “उधार लेकर शादी करना और बाद में खेत बिकना।” ●● मुझे हँसी तब आती है जब टीवी पर वही लोग कहते हैं, “देश आत्मनिर्भर बन रहा है।” कौन सा आत्मनिर्भर? जो देश अपना तेल डॉलर में खरीदता है… सोना डॉलर में खरीदता है…और फिर जनता को रुपये में राष्ट्रवाद बेचता है? ●● सबसे मज़ेदार बात देखिए। जब सोना खरीदना था तब कहा गया, “देशहित में डिजिटल गोल्ड लो।” अब जब लौटाने की बारी आई है तो देशहित अचानक जनहित बन जाएगा। फिर टैक्स बढ़ेंगे। फिर कोई नई सेस आएगी। फिर कहा जाएगा, “देश कठिन दौर से गुजर रहा है।” देश नहीं गुजर रहा महामानव केअंधभक्तों… देश को गुज़ारा जा रहा है। ●● राजाओं ने युद्ध हारकर खजाने गिरवी रखे थे। आज लोकतंत्र में वोट जीतने के लिए भविष्य गिरवी रखा जा रहा है। पहले जनता तलवार देखकर डरती थी, अब EMI देखकर डरती है। ●● और अंत में सबसे बड़ा सवाल… अगर यह योजना इतनी महान थी तो सोना मत खरीदो की अपील बार-बार क्यों करनी पड़ रही है? क्योंकि असली डर यह नहीं कि जनता सोना खरीद लेगी। असली डर यह है कि जनता हिसाब समझ गई तो क्या होगा। ●● याद रखिए… सरकारें कभी अपना पैसा नहीं लगातीं, वे सिर्फ़ जनता के भविष्य पर मुहर लगाती है। उधार उसने लिया।जोखिम अमीर ने कमाया। और किश्तें हम तुम भरने वाले हैं। फिर भी अगर तुम्हें लगता है कि राजनीति सिर्फ़ टीवी डिबेट है… तो अगली बार पेट्रोल भरवाते समय मीटर ज़रूर देखना। कई बार देश का सबसे बड़ा आर्थिक भाषण पंप मशीन चुपचाप दे रही होती है। (पोस्ट की प्रेरणा महक सिंह तरार से) #VijayShukla
23
361
16
633
37,924
आगरा
हमारी खुरपेंची टीम का नया जनता जागरूकता अभियान शुरू हो चुका है। पिछली बार MPLADS पोर्टल खंगाला गया था, इस बार "स्मार्ट सिटीज योजना" की कुंडली खंगाली जा रही है। उस स्मार्ट "सिटी" नाम कमेंट में बताइए, जहां आपको लगता है, खुरपेंची छानबीन होनी चाहिए। कानपुर से हम ग्वालियर तक पहुंच चुके हैं।
23
इसी के साथ राहुल ने मोदी जी के बंगाल विजय का रास्ता साफ कर दिया
राहुल गांधी ने आज चुनाव प्रचार में ममता बनर्जी को लेकर कुछ बातें की जो सोचने पर मजबूर करती है। उन्होंने कहा मैं मोदी से लड़ रहा हूं तो मोदी ने मुझ पर केस किए, मेरी सांसदी छीन ली, मेरा आवास छीन लिया और मुझे कोर्ट-कचहरी के चक्कर लगवा रहे हैं। आज मैं यहाँ आया हूँ, मैं जमानत पर हूँ। लेकिन ममता बनर्जी पर मोदी सरकार 38-40 केस क्यों नहीं करती? उन पर कार्रवाई क्यों नहीं होती? इसका सीधा सा मतलब है कि दाल में जरूर कुछ काला है! जो पुलिस और एजेंसियां सबके पीछे पड़ी हैं, वो ममता बनर्जी के पास जाते ही सो क्यों जाती हैं? क्या इसलिए क्योंकि अंदर ही अंदर ममता और बीजेपी दोस्त बन चुके हैं? बंगाल के लोगों को अब समझ जाना चाहिए कि ममता को वोट देने का मतलब है सीधा-सीधा बीजेपी की मदद करना है।
39
Up18 News retweeted
अघोषित आपातकाल लागू है। जो भी बेआवाजों को आवाज देगा, समस्या खोजेगा, सवाल उठाएगा, वह जेल जाएगा। जेल नहीं गया तो मुकदमों के बोझ तले दबा दिया जाएगा। 'लोकतंत्र की मां' के रखवाले अपने ही लोक से भयानक डरे हुए हैं। बाहर से गरजते हैं, छाती ठोकते हैं, अंदर से कांपते हैं। अपने देश के नागरिकों पर, आम लड़कों पर सत्ता का रौब झाड़ते हैं, बाहर वाला कोई सिरफिरा फिरंगी आदेश देता है तो लेट जाते हैं। युद्ध रोक दो, यस सर! उनसे तेल मत खरीदो, यस सर! उनसे खरीद लो, यस सर! खड़े हो जाओ, यस सर! बैठ जाओ, यस सर! पत्रकारों और नागरिकों को डराने वाली यही सत्ता 90 बार बेइज्जत होकर ट्रंप के आगे रेंग रही है, लेकिन एक आम नौजवान पर सत्ता की हनक दिखाई जा रही है। वे बेतरह डरे हुए हैं। इतना कि आप कहीं दीवार पर "सवाल" लिख दीजिए, सत्ता का बुलडोजर वह दीवार ही ढहाने पहुंच जाता है। सोचिए, अगर सत्ता का बुलडोजर मनुष्य की सोच को रौंद पाता तो आज भारत में अंग्रेजों का साम्राज्य होता। फिर कोई भगत सिंह, कोई आजाद, कोई बिस्मिल हमारा हीरो न होता। लेकिन तानाशाह मूर्ख होते हैं। सत्ता का नशा उन्हें यह सोचने पर मजबूर करता है कि वे समय को, विचार को, मनुष्य की सोच को, मानवता के मूल्यों तक को कैद कर सकते हैं। उन्हें याद दिलाना पड़ता है - तुमसे पहले जो शख्स यहां तख्तनशीं था उसको भी खुदा होने का इतना ही यकीं था...। पत्रकार श्याम मीरा सिंह आज नोएडा में बिजली/LPG पर ग्राउंड रिपोर्टिंग कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें डिटेन किया, थाने में बैठाया, अभद्रता की और फिर मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर दिया। हालांकि, उन्हें जमानत मिल गई है। लेकिन यह हुआ क्यों? श्याम का अपराध क्या था? वही जो सोनम वांगचुक का था, जिन्हें बिना वजह महीनों तक जेल में ठूंस दिया गया। वही जो दर्जन भर लेखकों का था जिन्हें सालों तक मुकदमे और जेल की यातना दी गई। वही जो आज हर उस व्यक्ति का है जो सवाल करने की जुर्रत करता है। आज अपना काम करना ही अपराध बना दिया गया है। बहुत से सुलतानों को गुमान था कि उनकी मर्जी के बगैर कोई सांस भी लेगा तो दीवार में चुनवा देंगे, हाथी के पाँव तले रौंदवा देंगे, कैदखाने में सड़ा देंगे। लेकिन हुजूर, ऐसा होता नहीं है। मनुष्य जबतक जीवित रहेगा, सोचेगा, सवाल करेगा। व्यक्ति जिस दिन व्यक्त होना बंद कर देगा, दुनिया खत्म हो जाएगी।
3
60
3
222
2,086
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश में खुले नाले ने एक और जान ले ली है। इस बार नगर निगम की लापरवाही का शिकार 13 वर्षीय मासूम कन्हैया चौरसिया हुआ। चार दिन पहले पिता ने उसे नई साइकिल दी थी, उसी पर घूमते वक्त वह खुले नाले में जा गिरा। बताया जा रहा है कि नाला निर्माण के बाद निकली अतिरिक्त सरिया हटाई नहीं गई थी, जो उसके पेट में घुस गई। सवाल वही है—खुले नाले कब तक जान लेते रहेंगे और जिम्मेदारी कौन लेगा? @umashankarsingh @VivekshuklaLive @govindprataps12 @ranvijaylive
2
14
34
3,498
Up18 News retweeted
आप इसे जवाब कहेंगे हम कहेंगे कलेजा कंपा देना, जिसकी याद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को बरसों बाद रहेगी। सांसद रवनीत सिंह बिट्टू को राहुल गांधी द्वारा गद्दार दोस्त कहे जाने पर भाजपा इसे सिख पहचान पर हमले के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही है। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को आगे किया गया है और उस पर पवन खेड़ा जी @Pawankhera का जवाब आया है। पवन कहते हैं कि यह केवल उनके नेता और तमाशा मंत्री की हताशा को दर्शाता है। यह जानकर अच्छा लगा कि @HardeepSPuri फिर से सामने आए हैं। इस बीच, उन्हें इन सवालों के जवाब भी देने चाहिए: 1. जब एपस्टीन पहले से ही यौन तस्करी के दोषी थे, तब वह उनसे क्यों मिल रहे थे? 2. जेफरी एपस्टीन की "लोगों को चुनने की पसंद" के बारे में आपको उनकी इतनी उत्सुकता क्यों थी? 3. वह एपस्टीन को किस तरह के "मज़े" के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे? 4. एपस्टीन की गतिविधियों के बारे में उन्हें क्या पता था कि उन्होंने यह टिप्पणी की कि एपस्टीन को 'मज़े' के लिए किसी के प्रोत्साहन की आवश्यकता नहीं है? 5. एपस्टीन के शानदार द्वीप के बारे में जानकारी होने के बावजूद हरदीप ने उनसे मिलने से खुद को क्यों नहीं रोका? 6. जब टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एपस्टीन के साथ उनके शर्मनाक संबंध का खुलासा किया, तो उन्होंने फोन पर उन्हें धमकी क्यों दी? पवन कहते हैं "इसलिए हे हरदीप, अपनी सिख पहचान के पीछे छिपना बंद करो। यह एक अद्भुत और सम्माननीय समुदाय है। और निश्चित रूप से यह इस बात से खुश नहीं है कि तुम एपस्टीन जैसे बाल यौन अपराधी, सीरियल रेपिस्ट और मानव तस्कर के साथ मेलजोल रख रहे थे।"
24
399
10
1,247
41,084
मुझे लगता है भारतीय मीडिया को शायद नर्क मे भी जगह नहीं मिलेगी. खासकर अंजना को 3 महीने पहले, अमेरिका ने भारतीय निर्यात पर 25% टैरीफ लगाने का ऐलान किया था. कारण था भारत का रुसी तेल खरीदना. आजतक एंकर ने अपने प्रोग्राम हल्ला बोल में कहा कि ये टैरीफ भारत के लोगों पर नहीं बल्कि अमेरिका मे रह रहे भारतीय लोगों पर लगाया गया है. और इस टेरिफ़ के लगाने से उतनी ही महंगाई अमेरिका मे भी बढ़ेगी, भारत बेअसर रहेगा. आज USINDIATRADEDEAL के बाद ट्रम्प ने वही टेरीफ घटाकर 18% कर दिए. तो इस चाटुलर एंकर ने फिर एक प्रोग्राम किया. जिसमें इसने बताया कि अब भारत मे टेरीफ घटने से महंगाई की दर कम हों जाएगी. इसने कहा कि भारतीय किसानों को इससे फर्क नहीं पड़ेगा, जबकि भारतीय किसानों को सालाना सब्सिडी औसतन 30 हज़ार मिलती है जबकि अमेरिका का किसान 15 से 20 लाख के बीच ये रकम पाता है.. ये भी कहा कि ट्रम्प मोदी के सामने झुक गए हैँ. मोदी है तो ये है, वो है, पता नहीं क्या क्या है. कांग्रेस को मैं सबसे निकम्मी सरकार मानता हूं जो मीडिया तक को अपने कण्ट्रोल मे नहीं रख सकी. 2010 में ज़ब वॉल मार्ट डील साइन की थी मनमोहन ने तब इसको भारत को अमेरिका के हाथों बेचने वाला बताया था बीजेपी ने. अपने शो तारक मेहता मे इसका प्रचार किया सड़कों पर उतरकर बोला गया कि भारतीय अर्थव्यवस्था खत्म हों जाएगी.. मीडिया ने यही राग अलापा था. आज ना मीडिया इसको देश के लिए नुकसान दायक बता पा रहा है, ना ही विपक्ष.. ये TRADE DEAL नहीं, ख़ुदकुशी है... भगवान जनता की रक्षा करे.. 🙏
92
255
10
753
30,157
पूर्व भाजपा विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बता रही हैं कि अंकिता भंडारी की हत्या किसी VVIP 'गट्टू' के इशारे पर की गई। यानी किसने अपनी अय्याशी के लिए एक लड़की की हत्या कराई, यह भाजपाइयों को मालूम है और मामला दबाया जा रहा है। सत्ता ने इन लोगों को शैतान बना दिया है।
7
391
5
967
10,999
भौकाल ऐसा होना चाहिए 👇 राजस्थान में कॉमर्शियल कोर्ट के जज ने राष्ट्रमित्र अडानी के खिलाफ फैसला सुनाया था. अडानी जी पर जुर्माना लगाने का पाप भी किया था. अडानी जी के खिलाफ आदेश देने के तुरंत बाद राजस्थान की BJP सरकार ने जज को पद से हटा दिया. जज का ट्रांसफर हो गया. इतना ही नहीं.. जज ने अडानी जी के खिलाफ जो फैसला दिया था, उस फैसले पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी. दरअसल अडानी जी राजस्थान की सरकारी कंपनी के साथ मिलकर कोयला खोदने का काम कर रहे था. डील थी कि अडानी जी कोयला खदान से नजदीकी रेलवे स्टेशन तक रेल लाइन बिछवाएंगे, ताकि खदान से कोयला भेजा जा सके. अडानी जी ने डील के अनुसार रेलवे लाइन नहीं बिछवाई. इसके उलट ट्रक में कोयला लादकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया और इसका किराया राजस्थान की सरकारी कंपनी से वसूल लिया. किराए के नाम पर पूरे 1,400 करोड़ रुपए वसूले गए. इतना ही नहीं.. अडानी जी ने किराया देर से चुकाने के लिए ब्याज भी मांग लिया. जब पानी सिर से ऊपर जाने लगा तो सरकारी कंपनी कोर्ट चली गई, जिसमें जज साहब ने राष्ट्रमित्र अडानी जी के खिलाफ आदेश देने का महापाप कर दिया. अब जज साहब ने पाप किया है तो भुगतना तो पड़ेगा. जज साहब नाम दिनेश गुप्ता है.
99
1,395
23
3,879
111,941
पहली बार सुप्रीम कोर्ट में पांच EVM मशीनों की जांच हुई और पांचों में टेंपरिंग पाई गई, नतीजे पलट दिए गए। फिर हम यह कैसे मान लें कि भाजपा दफ्तर से चल रहा वोट चोरी आयोग बाकी चुनाव निष्पक्ष ढंग से कराता है?
139
2,646
31
8,044
140,877
The Range of Acting ft. Sheena Chohan: A Journey Through Emotion and Empathy✨🤗 @sheena_chohan #SheenaChohan #ActressSheenaChohan #SheenaChohanFans #ActingRange #IndianCinema #EmotionalTruth
58