Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj) header
Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj) profile picture

Counseling; a holistic approach to living.

Lucknow, India
Joined May 2020
Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)Photo by Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला (@astroraj)
रौद्र नामक इस विक्रम संवत् 2083 का राजा गुरु और मंत्री मंगल है. वर्षलग्न के अनुसार जन जीवन में वैचारिक संकीर्णता और आक्रोश बढ़ेगा. आर्थिक मामलों में चुनौतियां रहेंगी. शासन सत्ता के कुछ निर्णय बड़े मुद्दे बनेंगे. इस वर्ष किसी नए मजबूत और कठोर नेतृत्व के उभरने की प्रवल संभावना है.
2
21
161
7,691
कुंडली में कमजोर चंद्रमा के लिए कुछ उपाय: शिवजी की पूजा, शिवलिंग पर जल चढ़ाना, सोमवार व्रत, अपनी माता की सेवा करें. चंद्रमा शुभ भावों का स्वामी है तो मोती धारण करें. मानसिक शांति हेतु - पर्याप्त नींद, ध्यान, नियमित दिनचर्या. ॐ नमः शिवाय दर्शन : चंद्रमौलेश्वर मंदिर, पाटण (गुजरात)
5
14
159
2,212
आज अग्नि तत्व राशि सिंह में चंद्रमा की युति गुरु एवं केतु के साथ है. भावुकता या उकसावे में आकर प्रतिक्रिया करना कमजोर आत्मविश्वास का लक्षण हैं. कठिन वक़्त में समझदार व्यक्ति रास्ता खोजता है और कमज़ोर व्यक्ति बहाना. Tip of the day: The man who chases two rabbits, catches neither.
5
6
113
2,590
तुलना जीवन-दर्शन के संदर्भ में एकेडमिक या फिलॉसफी के आधार पर होती तो भी समझा जा सकता था, परंतु इस भाषा-शैली में हमारे आराध्य श्री राम और श्री कृष्णा की तुलना करना समझ से परे है. बल्कि भावनाएं आहत हुई हैं. क्या कोई धार्मिक व्यक्ति ऐसा कर सकता है? क्या यह स्वीकार किया जा सकता है?
11
21
5
77
6,174
मन का कारक चंद्रमा आज स्व राशि कर्क में मंगल के साथ है. किंतु मंगल के नीच होने के प्रभाव की बजाय मंगल चंद्रमा को उर्जित कर रहा है. आप अपनी समझ और पूरे आत्मविश्वास के साथ काम कीजिए. सफलता प्राप्त होने की पूरी संभावना है. Wish you all the best 👌
5
7
127
2,015
रैलियों की कामयाबी सिर्फ़ “भीड़ कितनी आई” इस आधार पर परखना हल्की बात है। शानदार और सटीक ट्वीट. तमाम बकलोली का सीधाजवाब।
रैलियों की कामयाबी सिर्फ़ “भीड़ कितनी आई” इस आधार पर परखना हल्की बात है। सवाल ये है कि - अगर CEC और चुनाव आयोग के ख़िलाफ़ देश का विपक्ष एक साथ इतने बड़े मंच पर साथ आया तो देश में क्या संदेश गया ? - चुनाव आयोग और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर विश्वास मज़बूत होना चाहिए या नहीं ? - जिस चुनाव में ज्ञानेश कुमार CEC नहीं थे, मंच से उस चुनाव को अवैध बताया गया तो लड़ाई का दायरा कहाँ तक जाएगा ? - कार्यकर्ता कितने उत्साहित थे ? क्या ये उत्साह सत्ताधारी दल से चुनावी लड़ाई लड़ने में मोबिलाइज़ होगा ? - हासिल क्या है ? इस्तीफ़ा नहीं होता और SIR रद्द नहीं होता तो विपक्ष किस हद तक और कैसे सरकार पर दबाव बनाएगा ? - जो विपक्षी एकता दिल्ली में दिखी वो राज्यों में दिखेगी ? - और आख़िर में वोट चोरी का आरोप आगामी चुनाव में मुद्दा बनेगा ? #OppositionRally #RamlilaMaidan
1
17
1,801
एक सज्जन कह रहे हैं, अखिलेश यादव आज की रैली के 'मैन ऑफ द मैच' रहे. राहुल गांधी टीम के कप्तान थे.
4
6
2
50
2,224
आप किसी भी पार्टी के समर्थक या विरोधी हों परंतु जन तंत्र में ऐसी तस्वीरें भरोसा देती हैं. सत्ता पक्ष की जवाबदेही और आम आदमी की भागीदारी बनी रहे. ... यही तो है स्वस्थ लोकतंत्र की खूबसूरती!
3
1
25
1,270
नवंबर की शुरुआत आज सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि पुष्य योग के साथ हो रही है. तमाम प्रतिकूल ग्रह स्थितियों के बावजूद यह योग संपूर्ण कार्यों की सिद्धि करता है. सायंकाल चंद्रोदय व्यापिनी अहोई अष्टमी पूजा है. संतान की लंबी उम्र और उज्जवल भविष्य की कामना के लिए माताएं यह व्रत करती हैं.
2
11
207
3,544
कई अन्य असहमतियां होते हुए भी बहुत से ऐसे इश्यू हैं कि अजीत भारती को सुनने के बाद मुँह से वाह निकल जाता है. @NijiSachiv के इस वीडियो ने दिल जीत लिया. @OfficeOfDKV इसे देखिए कि आपने क्या फियास्को किया है.
1
11
1
63
2,839
Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला retweeted
ब्रसेल्स में जुटे दुनिया के स्वतंत्र पत्रकार : आवाज़ दबाए जाने के ख़िलाफ़ एकजुटता का संदेश youtu.be/9o-ASoedp4w
1
17
5
94
16,550
बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग के स्थान को लेकर भ्रम है. झारखण्ड में देवघर अधिक मान्य है, यद्यपि गीता प्रेस की पुस्तक में इसे आंध्र प्रदेश के परली ग्राम में लिखा गया है. ऐसे ही नागेश्वर ज्योतिर्लिंग गुजरात में है, किंतु कुछ लोग उत्तराखंड में अल्मोड़ा के निकट जागेश्वर धाम में मानते हैं.
Baidyanath jyotirlinga is in Deoghar, Jharkhand. Over past hundred years motivated publications like Gita Press have intentionally put misleading stotra. 2nd screenshot from Gita Press famous publication Stotra Ratnavali.
6
3
1
33
3,042
कोऽरुक्? अर्थात रोग से मुक्त कौन है? आचार्य वाग्भट ने उत्तर दिया -- हितभुक्, मितभुक्, ऋतभुक् -- जो हितकारी भोजन करे, जो सीमित मात्रा में भोजन करे, और जो सत्य से अर्जित अन्न खाए. स्वस्थ रहने के लिए हर बदलते मौसम में शरीर की शुद्धि (डिटॉक्सिफिकेशन) जरूरी है. (साभार-अष्टांगहृदयम् )
2
7
86
1,695
"हिन्दुस्तानियत फटा सुथन्ना पहने हरचरना की ट्रैजेडी थी, अब वह कॉमेडी में बदल गई भारतीयता है"... देवी प्रसाद मिश्र की कविता पढ़ते हुए एक पंक्ति.
1
20
711
Rajesh Shukla/ राजेश शुक्ला retweeted
परंपरागत मीडिया ने खो दी है अपनी विश्वसनीयता… ऐसे में किस तरह के स्वतंत्र पत्रकार बन गए लोकतांत्रिक उम्मीद की किरण… ब्रसेल्स में European External Action Service की तरफ़ से आयोजित ‘Connecting Media Communities’ में चर्चा का अहम विषय जल्दी ही youtube.com/@umashankarsingh… पर
ब्रसेल्स में जुटे स्वतंत्र पत्रकारों की आवाज़ पर एक रिपोर्ट, जल्द ही youtube.com/@umashankarsingh… पर
1
41
208
4,916
सरकार को अब प्रोटेस्टर्स के लिए 'प्रोटेस्ट फ्रॉम होम' करने की अनुमति देनी चाहिए. अपनी फेवरेट प्रोटेस्ट के लिए सैटरडे सन्डे ऑफ और हॉलीडेज़ की सूची भी घोषित करना चाहिए.
1
39
977
चंदा मामा का गजबै भौकाल है. बहनें और बेटियां दिन भर भूखी प्यासी रहीं, अब चंद्रमा को अर्घ्य देने की बिरिया आई तो मामा नदारत हैं. आसपास छतों पर अधीर पति लोग गूगल सर्च में जूझ रहे हैं. मुझे बचपन की याद आ गयी. मैं छत पर जाता, और जीने से थोड़ी थोड़ी देर बाद अम्मा को अपडेट देता था...
6
7
103
2,794
मौसम का मिजाज सुबह से ही बदला हुआ है. वैसे भी विभिन्न शहरों में चांद दिखाई देने में लगभग 10 से 20 मिनट का अंतर होता है. जैसे लखनऊ में 08:06pm दिल्ली में 08:17 pm यदि आसमान में बादलों के कारण चंद्र दर्शन में बाधा हो तो स्थानीय समय के अनुसार चंद्रोदय के बाद अर्घ्य दे देना चाहिए.
2
13
736
कहते हैं कि एक तस्वीर वह सब कुछ बहुत आसानी से समझा सकती है जिसे समझाने के लिए हज़ारों शब्दों की ज़रूरत पड़ती है. एक कहावत भी है, सौ सुनार की एक लोहार की... सब समय का फेर होता है. However, the irony is wild!
1
1
43
977
हमारे पूर्वज कितने समझदार थे, वैवाहिक जीवन की सफलता का सूत्र बना दिया कि सिर्फ पत्नी नहीं बल्कि धर्मपत्नी कहा जाता है. धर्म से कोईं क्या बिगाड़ करेगा! वह गृहिणी ही अन्नपूर्णा है. आज करवाचौथ पूजा से पहले ही शुक्र उदय हो जाएगा, यह शुभ संयोग है. 'करक' अर्थात् मिट्टी का टोंटीदार पात्र जिससे अर्घ्य दिया जाता है, लोकभाषा में अपभ्रंश होकर 'करवा' कहलाया. 'निर्णयसिन्धु' में स्पष्ट निर्देश है -- “कार्तिककृष्णचतुर्थ्यां करकचतुर्थीव्रतं भवति। तत्र पूर्वविद्धा ग्राह्या।” अर्थात कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करक चतुर्थी का व्रत अनिवार्य रूप से किया जाता है, जिसमें चंद्रोदयव्यापिनी तिथि ही शास्त्रसम्मत मानी गई है. 'धर्मसिन्धु' और 'व्रतराज' जैसे प्रामाणिक संहिता-ग्रंथों में इस दिन किए जाने वाले संकल्प का श्लोक जो हर व्रती स्त्री के भीतर एक अलौकिक चेतना का संचार करता है: “मम सुखसौभाग्यपुत्रपौत्राद्यभीष्टसिद्धये करकचतुर्थीव्रतमहं करिष्ये।” मेरे अखंड सौभाग्य, सुख, संतति और अभीष्ट की सिद्धि के लिए मैं यह करक चतुर्थी महाव्रत करती हूँ. स्कन्द पुराण के कार्तिक माहात्म्य और वामन पुराण में इस चतुर्थी का संबंध संकट-निवारण और पति के आरोग्य-आयुष्य से जोड़ा गया है. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी के माहात्म्य, करक (करवा) के दान और चंद्र-अर्घ्य का विधान करते हुए स्कन्द पुराण में कहा गया है - कार्तिके कृष्णपक्षे तु चतुर्थी या भवेत्तिथिः। तस्यां करकदानं च कर्तव्यं सुभगैः सदा॥ अर्घ्यं दद्याच्च विधिवच्चन्द्राय वरवर्णिनि। सौभाग्यपुत्रवृद्ध्यर्थं स्वायुषो विजयाय च॥ अर्थात : हे वरवर्णिनि! कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की जो चतुर्थी तिथि होती है, उसमें सौभाग्यवती स्त्रियों द्वारा विधिपूर्वक अपने सौभाग्य, पुत्र-पौत्र की वृद्धि, पति की दीर्घायु तथा समस्त बाधाओं पर विजय प्राप्त करने के लिए इस तिथि की रात्रि में विधिपूर्वक चंद्रमा को अर्घ्य प्रदान करना चाहिए. चंद्रमा को अर्घ्य देने का मंत्र (स्कन्द पुराणोक्त)- क्षीरोदार्णवसंभूत अत्रिनेत्रसमुद्भव। गृहाणार्घ्यं शशाङ्केश रोहिण्या सहितो मम॥ ज्योत्स्नापते नमस्तुभ्यं ज्योतिषां पतये नमः। नमस्ते रोहिणीकान्त सौभाग्यारोग्यवर्धनाय॥ अर्थात : क्षीरसागर से प्रकट हुए तथा महर्षि अत्रि के नेत्रों से उत्पन्न हुए, रोहिणी सहित हे शशांक (चंद्रदेव)! मेरे द्वारा अर्पित इस पावन अर्घ्य को स्वीकार कीजिए. हे ज्योत्स्ना (चांदनी) के स्वामी! समस्त ज्योतियों के अधिपति! हे रोहिणीकांत! आपको नमस्कार है, आप मेरे सौभाग्य और आरोग्य की वृद्धि करें. -- सभी सौभाग्यवती बहनों और बेटियों को करवाचौथ पर बधाई और खूब शुभकामनाएं!
4
32
2
140
6,506
जब सत्ता पक्ष का कोई नेता विपक्ष के नेता पर यह कमेंट करता है कि "विपक्ष राजनीति कर रहा है" तो मेरी समझ में नहीं आता है. भाई, राजनीति में आकर राजनीति नहीं करेंगे तो बोलो क्या करेंगे? -- भजन!
2
4
66
1,231