सपनों का इक महल-सुखों के रोशन डेरे जैसा था
मन -जैसे सुनसान गली में- किसी ठठेरे जैसा था
नहीं चहकती मेरी चाहत तो क्या करती, तू कह दे/
आसमान पर चाँद दिखा- जो बिल्कुल तेरे जैसा था
- अतुल कनक
नन्हीं चिड़िया के ख्वाबों का आँगन नहीं बचेगा
नहीं बचेगा, सचमुच यह सम्मोहन नहीं बचेगा
पेड़ - विधाता की अनमोल धरोहर हैं धरती पर
अग़र पेड़ न बचे - सृष्टि पर जीवन नहीं बचेगा
- अतुल कनक
@arvindchotia
पहले कुछ आरोप लगाकर दिल में खंजर डाल गई
किसी और का हाथ थामकर, फिर वो नैनीताल गई
कहाँ गई थी गई रात को सूरज ने जब पूछ लिया
धूप हँसी इक नई अदा से, लेकिन उत्तर टाल गई
- अतुल कनक
मज़ाक करने और मज़ाक उड़ाने के अंतर को समझना ज़रूरी है
आज देश के प्रतिष्ठित अखबार @Jansatta के संपादकीय पृष्ठ पर मेरा लेख
@Aamitabh2
प्यार छुपाने की कोशिश में, और उघड़ना पड़ता है
ज्यों बसंत पर बतियाते पत्तों को झड़ना पड़ता है
तुमने बस इलज़ाम लगाए, तुमको कब ये ध्यान रहा
तुमसे लड़ने के पहले तो खुद से लड़ना पड़ता है।।
@अतुल कनक
अब मेरे हाल पे क्यों तुमको परेशानी है
अब तो तुम मुझसे मोहब्बत भी नहीं करते हो/
प्यार करने की सनद कैसे तुम्हें जारी करूँ
तुम अभी ठीक से नफरत भी नहीं करते हो
- अली ज़रयों
सपनों की पोथी पे दिन की पक्की ज़िल्द सरीखी धूप
लेकिन, सूरज के हाथों में हुई कटारी - तीखी धूप
ज़हर बुझा अपनापन लेकर मौसम ने सुख बींध दिया
सब पंचों की बेशर्मी पर - सरेआम तब चीखी धूप
-अतुल कनक
हाथों में पत्थर लेकर - यदि नभ की ओर उछालोगे
कुटिल अँधेरों के प्रहसन का कोई भाव निभा लोगे
हो सकता है - रातों का जयघोष तिलस्मी लगे तुम्हें
पर- सूरज को गाली देकर कितने ख़्वाब बचा लोगे?
- अतुल कनक
जब कुछ लम्हों ने रिश्ते को सिर्फ स्वार्थ से जोड़ दिया
किसी नींद ने सपनों का घर - नर्क बताकर छोड़ दिया
किससे करता भला शिकायत आग उसी के अंदर थी
सूरज गया नदी के तट तक, फिर उसने रथ मोड़ दिया
- अतुल कनक
बल के गुमान, खुद काल को चुनौती हैं
शक्ति का शिखर हैं, भक्ति को वितान दें
मातृभूमि के लिए ज़रूरी कभी हो जाए
तो समुद्र लांघूँ - ये सामर्थ्य हनुमान दें
- अतुल कनक
आप सभी को #HanumanJayanti पर विनम्र शुभकामनाएं
सत्य, अहिंसा के विधान को - आओ हम सब नमन करें
मोक्ष मार्ग के विवस्वान को - आओ हम सब नमन करें
जियो और जीने दो सबको - कहकर सबको जीवनबोध दिया
कुण्डलपुर के वर्द्धमान को - आओ हम सब नमन करें
- अतुल कनक
#MahaveerJayanti
@dr_arpit_jain @pushpendramuni @TanviSolanki_
मेरी तुमसे कोई अनबन नहीं है
मग़र अब पहले जैसा मन नहीं है
मैं अपनेआप को सुलझा रहा हूँ
तुम्हें लेकर कोई उलझन नहीं है।
- मंगल नसीम
अवधपुरी से रामसेतु तक - सभी ओर बस, वो ही हैं
क्रूर राक्षसों से पीड़ित ऋषियों का ढांढस, वो ही हैं
जिस मन में भी बस जाएं वो उसे पुण्य का धाम करें
यही प्रार्थना है, दुनिया पर - कृपा प्रभु श्रीराम करें
- अतुल कनक
@narendramodi
आसमान क्या है-धरती पर किसी दुआ का साया है
सूरज मानो - उसकी ही अलमारी से दिन लाया है
हौले - हौले हवा मुझे इक मंगल-गीत सुनाती है
सब कुछ अच्छा ही लगता है, जब से तुमको पाया है
- अतुल कनक
पुण्यों का आश्रय दुनिया में है जिनके अवलंबन पर
स्वयं मुक्ति भी मोहित है उनकी भक्ति के बंधन पर
हनुमान को किया चिरंजीवी जिनके सम्मोहन ने/
सृष्टि के सब सुख न्यौछावर राम लला के दर्शन पर
- अतुल कनक
#RamNavmi
@ShriAyodhya_
@DrKumarVishwas
जो मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, सब पुण्यों का हैं आश्रय
जिनका नाम साध देता है सृष्टि के हर सुख की लय
जिनकी भक्ति बल, वैभव, जय, मुक्ति - सबकी दाता है
आओ, मिलकर बोलें हम सब उन ही राजा राम की जय
- अतुल कनक
#RamNavami2025
@DrKumarVishwas
सुनी बचन सुजाना रोदन ठाना… 😍
देवत्व के धरती पर मानवीय रूप में उतरने की कल्पना मात्र से ही हृदय में आनंद का सागर उमड़ने लगता है। सोचता हूँ कि न जाने राजा दशरथ की बड़भागी प्रजा के कितने जन्मों के संचित पुण्यों का संयुक्त उदय हुआ होगा जो वे उस क्षण के साक्षी बने। हालाँकि इसी कड़ी में इस सुयोग के प्रति बेहद कृतज्ञ भी हूँ कि प्रभु ने एक बड़ी कृपा हमारे युग पर भी की है जो हम सब मिलकर उनके आँगन में उनके शुभागमन का यह बहुप्रतीक्षित उत्सव मना पायें। ईश्वरीय गुणों की आभा हम सबके हृदयों को प्रकाशित करे इसी मंगलकामना के साथ आप सबको श्री रामनवमी की पूर्व संध्या पर अनंत शुभकामनाएँ। ❤️🙏🏻
youtu.be/17vEXc4FgFc?feature…
जो मर्यादा पुरुषोत्तम हैं, सब पुण्यों का हैं आश्रय
जिनका नाम साध लेता है सृष्टि के हर सुख की लय
जिनकी भक्ति बल, वैभव, जय, मुक्ति - सबकी दाता है
आओ, मिलकर बोलें हम सब उन ही राजा राम की जय
- अतुल कनक
#RamNavami










