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Coming this from a senior astrologer is a great thing. Thank you for ur good words and thank u for appreciating my accuracy. Namastey, Jai Hanuman. 🙏🏻
Replying to @AstroSharmistha
@AstroSharmistha
Being an Astrologer myself practicing for more than four decades, I appreciate your accuracy. Best wishes
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I sleep for 4 and half hours, rest of the day is for study and research. Hanumanji gave me strength to keep going. Thank you. Jai Hanuman 🙏🏻
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Your predictions are truly amazing! Whatever you predict seems to come true. How do you do it, Madam? I have immense respect and admiration for your astrological insights. A big salute to you! 🙏❤️
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Rashtrawadio ka Mahakumbh at 11th Annual Summit of @JaipurDialogues
RT @AstroSharmistha: Dear Amit Shahji, you will keep surprising and charming Indians time to time in 2027 as well, specially the first half…
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या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
Sabko Maha Ashtami ki Shubh Kamanay.
Happy Navaratri 🌸
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👉🏾 यूक्रेन के राष्ट्रपतिने सिर्फ नाटो की सदस्यता के लिए अच्छे खासे प्रगतिशील देश को खंडहर बना दिया.......
साथ में करीब 30% भाग रूस को दे दिया जो अब उसे कभी नहीं मिलेगा... और सबसे दुखद, 4 लाख लोगो को मरवा दिया, लाखो जनता को शरणार्थी बना कर दर दर भटकने को मजबूर कर दिया... और अमेरिका ने घोषणा भी कर दिया की अब यूक्रेन कभी भी नेटो का सदस्य नही बन सकता...
सफेद या हरी #टीशर्ट पहन के बंदरो की तरह उछलकूद करने से देश नही चला करते बाबू ... चाहे वो यूक्रेन हो या भारत...
और एक बात... जेलस्की की मां भी #विदेशी_मूल की है और अपने यहां #पप्पू की मां भी विदेशी मूल की है.......
महान नीतिकार #चाणक्य जी की बात याद कर लीजिए कि विदेशी माता से जन्मा व्यक्ति कभी भी राष्ट्रभक्त नहीं हो सकता।
सबसे बडी बात......
जैलेन्स्की भी अमेरिकन द्वारा रूस के विरुद्ध षड्यंत्र करने के लिए प्लांट किया हुआ एजेंट है और ऐसे ही पप्पू पगलैट और उसकी मां भी भारत को कमजोर करने के अमेरिका द्वारा प्लांट किये गये एजेंट हैं।
सजग रहना भारतीयों 🌹🙏
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२००१ में मोदी को वाजपेयी सरकार द्वारा गुजरात का मुख्यमंत्री मनोनीत किया जाता है। २००२ में वे विधायक बनने के लिए राजकोट द्वितीय सीट से उपचुनाव लड़ते हैं और महज १४००० वोटों से जीतते हैं।
यह अप्रत्याशित था क्योंकि गुजरात भाजपा का गढ़ था और वहाँ मोदी से मुख्यमंत्री के रूप में बड़ी जीत की आशा थी।
मोदी समझ गए थे कि इलेक्टोरल पॉलिटिक्स में जो अपना दिखता है, वह भी अपना होता नहीं है। साफ तौर पर भितरघात हुआ था।
फिर गोधरा कांड हुआ और दंगे हुए। लेकिन यह दन्गा देश के पूर्व दंगों से अलग इसलिए था क्योंकि इस बार हिंदू भारी पड़े थे।
इसका सीधा लाभ मोदी को मिला और फिर 2002 के ही आम विधानसभा चुनाव में भाजपा दो तिहाई बहुमत के साथ सत्ता में लौटी। मोदी इस बार मणिनगर से लड़े और ७५ हजार से अधिक वोटों से जीते।
२००४ में देश में कांग्रेस गठबंधन की केंद्र में वापसी होती है। दंगों और फिर विधान सभा चुनावों के बाद मोदी कांग्रेस की नजर में चढ़े हुए थे। उनके खिलाफ कांग्रेस ने सारे हथकंडे अपनाये। केंद्रीय एजेंसियों ने दिन-दिन भर पूछताछ की । बंदे ने कभी उफ तक नहीं किया। लोकतंत्र की हत्या जैसा कोई बयान भी कभी नहीं दिया। यहाँ तक कि कांग्रेस की कृपा से उनको अमेरिका ने अपने यहाँ बैन तक कर दिया।
दोबारा मुख्यमंत्री बनने के बाद मोदी ने गुजरात को अद्भुत तरक्की के रास्ते पर डाल दिया।
कांग्रेस चिल्लाती रह गई, एजेंसियों का भरपूर दुरूपयोग करती रह गयी, लेकिन मोदी २००७ और २०१२ में कांग्रेस की छाती पर चढ़कर उसी प्रचंड जनादेश के साथ जीते।
फिर आई केंद्र की बारी। न्यूज चैनल्स पर रोज उन्हें दंगाई, हत्यारा, सांप्रदायिक घोषित किया जाता रहा लेकिन २०१४ में जो हुआ वह इतिहास था, वैसा होने की किसी को उम्मीद भी नहीं थी।
भाजपा को पूर्ण बहुमत। भाजपा से अधिक मोदी के लिए जनादेश।
1984 के बाद पहली बार किसी दल को पूर्ण बहुमत मिला था।
अब तो मोदी के हाथ में बहुत कुछ है लेकिन जब सबकुछ कांग्रेस के हाथ में था तब भी वह इस आदमी का कुछ नहीं उखाड़ पायी।
आखिर कांग्रेस के शासन काल में भी प्रचंड बहुमत से तीन- तीन चुनाव जीतने वाले मोदी ने तब कैसे वोट चोरी कर ली थी?
मोदी से ugc और sc/st act को लेकर मेरी भी नाराजगी है, लेकिन इस मुद्दे पर जब सारे दल एक ही थाली के बैंगन हैं तो मोदी से नाराजगी तो व्यक्त कर सकते हैं लेकिन छोड़कर कांग्रेस के पास नहीं जा सकते।
मोदी को वोट देने के अब भी कई कारण मिल जायेंगे लेकिन वर्तमान कांग्रेस को पसंद करने का मेरे पास कोई कारण नहीं।
मुझे कांग्रेस और उसके वर्तमान नेतृत्व से हद दर्जे की घृणा है।
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✅ 2027 – India Enters a New Prime Ministerial Era
✅ 2027 Onward – The Aam Aadmi Party (AAP) Enters a Period of Decline. By the End of 2029, Its Political Identity Will Have Largely Faded, Similar to the Earlier Prediction Made for TMC.
✅ 2027–2032 – Yogi Adityanath becomes one of India’s strongest leaders and leads the country through a challenging time. Next UP Election – Yogi Adityanath wins again with an even bigger victory.
✅ 2028 – The BJP enters its Mars Mahadasha, marking a period of strong authoritarian (“dictatorship”) energy.
✅ From 2028 – Beginning of an Emergency period. After 2027 – Beginning of a Military Rule period. 2028–2032 – Period of World War.
✅ 2029–2031 – Peak phase of the World War. 2030 – The most difficult year for the world.
✅ 2029 – Dwijanma Varsha (Year of Rebirth) for India and Russia.
✅ 2029–2032 – India will once again have to prove its military strength, win the war, and protect its sovereignty before entering a new phase after 2032-Rahu Mahadasa.
✅ From 2028 – The astrological chart of India’s Home Minister becomes challenging, bringing a difficult period.
✅ From 2028 onward – India should
strengthen the protection, security, and continuous monitoring of its dams and other major water infrastructure.
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Meet The Trio in Jaipur Dialogues Summit 2026. Do your registration now. @JaipurDialogues Registration Link: event.thejaipurdialogues.com…
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मोदी जी ने सालों पहले बता दिया था - ये दिन आएगा
और आप सुन लीजिए, अगर मोदी के खिलाफ जोर से कोई आवाज आई है तो समझ लेना कि मोदी ने कहीं चाबी टाइट की है। आवाज जितनी जोर से आए तो समझ लेना कि दाल में कुछ काला है, कभी-कभी तो पूरी दाल ही काली नजर आती है।
आज वही हो रहा है।
अचानक से चारों तरफ से शोर क्यों आने लगा? अचानक से CJP क्यों लॉन्च हो गई? अचानक से सुप्रीम कोर्ट के बाहर भीड़ क्यों? अचानक से Gen-Z प्रोटेस्ट, NGO का रोना, मीडिया का विधवा विलाप क्यों?
क्योंकि चाबी टाइट हुई है। और दो जगह से टाइट हुई है।
पहली चाबी - FCRA
जिस बिल ने इन NGO की नकेल कस दी। बाहर से पैसा आता था, बेइंतहा आता था। किसको जाता था, कहां लगता था, कोई हिसाब नहीं। उसी पैसे से किताबें बनती थीं, नैरेटिव बनता था, "लव जिहाद एक मिथक है" जैसी किताबें छपती थीं, स्क्रॉल जैसे पोर्टल चलते थे।
मोदी ने कहा - हिसाब दो। लाइसेंस दिखाओ। पैसा कहां से आया, कहां लगाया?
बस। दुकान बंद। और दुकान बंद तो शोर शुरू।
दूसरी चाबी - ट्रेड डील
अमेरिका और यूरोप को लगा भारत दबेगा, ट्रेड डील में जो बोलेंगे मान लेगा। किसान का बाजार खोल देगा, अपना डेटा दे देगा।
मोदी ने मना कर दिया। कहा - भारत के हित से समझौता नहीं।
बस। वही हाथ, वही पैसा, जो ट्रेड में मनमानी नहीं कर पाया, वही अब सड़क पर अराजकता करा रहा है। उसी के पैसे से ये पूरी भीड़ मैनेज हो रही है। उसी के इकोसिस्टम से ये सारे चेहरे निकाले जा रहे हैं।
तो ये जो तुम जंतर-मंतर पर देख रहे हो, ये कोई जन आंदोलन नहीं है। ये चाबी टाइट होने का शोर है।
और मोदी जी ने पहले ही कहा था - शोर जितना तेज, समझो दाल उतनी ही काली।
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Motive is to make Astrology believeable to all. So accuracy need to keep high. I do mistakes and I will do later as well but I do rectify. Thank you for following and kind words. Jai Hanuman 🚩
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Well that’s a strong point you have. Never seen an astrologer as accurate as you have been. Good wishes to you.
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किसी की औकात नहीं थी कि उसको रोक पाए। अमेरिका ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति को और उसकी पत्नी के साथ घर में आराम करते हुए रात में उठा लिया। और मैं आपको कहूँ, यही कोशिश भारत के साथ भी हो रही है और होती रहेगी।
आप लोग सोचेंगे कि यह कब हो गया और क्या हो रहा है, जरा विस्तार से बताइए?
आप सभी को याद है 2024 का वेनेजुएला में जो चुनाव था, वहाँ निकोलास मादुरो फिर से जीत गए। लेकिन पूरी दुनिया पर अपना अधिकार समझने वाले यू एस ओ को यह पचा नहीं। फिर वहाँ पर भी एक ट्रेंड चलाया गया—वोट चोरी।
यह कोई गल्प कथा नहीं है। न्यू यॉर्क टाइम्स का रिपोर्ट देख लीजिए, यह ब्लूमबर्ग का रिपोर्ट देख लीजिए, यह द गार्जियन का रिपोर्ट देख लीजिए... कुल मिलाकर पूरी दुनिया को बताने की कोशिश यह की गई कि यह जो इलेक्शन हुआ है, वह फ्रॉड था, डेमोक्रेसी खतरे में है और यहाँ पे डिक्टेटरशिप चल रही है, जिसकी डोर निकोलास मादुरो के पास है।
अब आपको यह स्टोरी सुनी-सुनी लग रही होगी। ध्यान से देखिए, मैं आपको याद दिला रही हूँ।
अब आपको याद है पाकिस्तान—इमरान खान ? आज कहाँ हैं ? जेल के पीछे। उनके लिए भी यही सारी स्टोरीलाइन बनाई गई—डिक्टेटरशिप, डिक्टेटरशिप, डिक्टेटरशिप।
जो अमेरिका को चाहिए था, वह मिल गया—उनके अनुकूल चलने वाली सरकार।
अब श्रीलंका पर आते हैं। वहाँ पर भी यही नरेटिव सेट किया गया और सरकार बदली गई।
अरे भाई! इतनी दूर जाने की जरूरत नहीं, एक साल पहले की बात करते हैं—बांग्लादेश, शेख हसीना। उनके लिए तो भारत के कुछ नियोजित था, जिन्होंने वीडियो बनाए कि वह डिक्टेटर हैं। और क्या हुआ ? सरकार बदली। और सरकार में किसको लाकर पदस्थ किया गया ? मोहम्मद यूनुस—नोबेल पीस विनर।
ऐसे ही वेनेजुएला में हुआ। विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को लास्ट ईयर नोबेल पीस प्राइस दिया गया। उनको पॉपुलर किया गया कि आने वाले समय में जब सरकार बदलेगी, तो इनके हाथ में सारी चीजें दी जाएँगी। आप समझ सकते हैं कि देश अलग अलग किंतु परिस्थितियां एक सी हैं। समूचे दक्षिण एशिया में अमेरिकी हस्तक्षेप की एक सी स्थिति है।
अब जरा गौर से समझिएगा। अगर यू एस ओ को अपना कंट्रोल एशिया में जमाना है, तो भारत में अपना चाटुकार पदस्थ करना पड़ेगा। आपको याद है, यहां एक एक कर कई सारे मुद्दे चलाए गए।
"मोदी डिक्टेटर हैं", "मोदी वोट चोर हैं", "चौकीदार चोर हैं", ई वी एम ( ई वी एम ) हैक हुआ, ऑपरेशन सिंदूर पर बातें उठाई गईं। यहाँ तक कि इंडियन इकॉनमी को डैड बोला गया।
जब भारत में इनके द्वारा पोषित और पालतू कुछ लोग इनके हिसाब से काम नहीं कर पाए, तो डोनाल्ड ट्रंप खुद सामने आए और उन्होंने टैरिफ का गेम खेला, 25 से 50% का टैरिफ लगाया।
"रशिया से तेल मत लो"... कुल मिलाकर रशिया से अपना संबंध समाप्त कर लो।
इसके बाद भी मोदी जी का दृढ़ निर्णय पीछे नहीं हटा। और मोदी जी अगर आज ऐसे खड़े हैं, तो हमारे-आपके वजह से, देश की करोड़ों करोड़ों राष्ट्रभक्त जनता के कारण वे कभी अपने निर्णय से नहीं डिगते। क्योंकि हम अपने देश के साथ खड़े हैं। आप बताइए कि किस कर्मचारी अथवा अधिकारी को तनख्वाह नहीं मिली। किस वृद्ध को पेंशन नहीं मिला। किस नागरिक को राशन नहीं मिला! जबकि भारत में कानून का राज है। यहां सरकार की सुरक्षा और संरक्षा है।
मैं बस इतना कहना चाहूंगी कि अगर थोड़ा सा भी आपको ये चीजें समझ में आई हों, तो बस यह मत देखिए कि वेनेजुएला में क्या हुआ है; आपको यह देखने की जरूरत है कि भारत के साथ क्या हो रहा है और हमें कैसे और अधिक सतर्क रहना है।
आनेवाले दिनों में माननीय मोदी जी को हटाने के लिए देश का विपक्ष और निचले स्तर पर जाएगा। नीचता की सारी हदें पार की जाएंगी । मेरी इस पोस्ट को बहुत अधिक शेयर करें ताकि लोग आने वाली परिस्थिति की मुकाबला कर सकें।
जय हिंद, जय भारत। भारत माता की जय।
डॉ सीमा मिश्रा के सौजन्य से।
🇮🇳
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I’m working day and night on research and study to maintain a high level of accuracy. Baaki, Hanumanji ki Kripa. Thank you! I truly appreciate it. 🙏
Replying to @ITcell4UP
@AstroSharmistha ji is considered to be one of the most accurate and direct in her predictions & statements. There are no Ifs and Buts.
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अप्रिय एलन मस्क,
तुम्हारा अम्बानी को तंज कसता हुआ ट्वीट बता रहा है कि तुम फ़्रस्ट्रेशन में आ गए हो।
तुम नहीं जानते हो कि ज़ब भारत में टेलिकॉम कम्पनीज लोगों को अलग अलग टैरिफ़ वाउचर के नाम पर लूट रही थी जैसे मैसेज के अलग रिचार्ज कॉल के अलग रिचार्ज इंटरनेट के अलग रिचार्ज, तब अम्बानी की जिओ टेलिकॉम ने देश में टेलिकॉम क्रांति लाई जिससे देश के सुदूर कोने में भी लोग इंटरनेट का उपयोग करके लोगों में पहचान बना पाए.....!
और हाँ हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं, जिसके तुम बाल बराबर नहीं हो और रही बात अम्बानी की तो वो हमारे शान हैं, प्रत्येक राष्ट्रवादी व्यक्ति नरेंद्र मोदी और मुकेश अम्बानी के साथ खड़ा है.....!
खिसियाओ मत काबिल बनो।
@elonmusk
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Dear Elon musk, 2027 is not going to be that good for almost all of your business. Things will not progress as per the planning, so better you focus on that rather being instrumental to the regime change of India. You have done greatest mistake by poking Indian pubic. Hope you didnt forget Tesla performance in India, the one which made you world's richest man, rejected by Indian public. Isko kehte hain Vinash Kaley Vipareet Buddhi. Than you Elon Musk, now Starlink will not be able to cross Jio. MARK THIS.






















