बीजेपी 42-44%
सपा प्लस 36-38%
बसपा 9-11%
सपा डबल डिजिट में रहेगी
ये यूपी विधान सभा चुनाव का सबसे बड़ा वेव इलेक्शन होगा
मिलते है 2027 रिजल्ट के समय
समाचार समाप्त #upelection #2027
भाजपा: 300-325
आरएलडी: 8-12
अपना दल 4-6
बीएसपी: 3-5
समाजवादी पार्टी: 40-60
Pinned ट्वीट कर रहा मिलते है 2027 में
#यूपीचुनाव2027🔥
#upelection
गजब हाल है संजू सैमसन चार में से तीन मैचों में फेल होकर मात्र 4 रन बना रहे हैं, लेकिन कोई उन पर उंगली उठाने की हिम्मत नहीं करता। क्यों? क्योंकि उन्होंने एक बार वर्ल्ड कप जिताने में योगदान दिया था, तो क्या अब पूरी जिंदगी टीम में मुफ्त की रोटियां तोड़ेंगे? इसी पुराने कर्जे के एहसान में सबको दबाकर रखो और वैभव को बाहर बिठाकर तमाशा देखते रहो। वाह रे सिस्टम
एमएलसी चुनावों के नतीजे वाकई बड़े दिलचस्प रहे हैं। जहाँ उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ के प्रभाव वाले गोरखपुर क्षेत्र में पूरी ताकत झोंककर भाजपा ने दोनों सीटें अपने नाम कर लीं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गढ़ वाराणसी में पार्टी को दोनों सीटों पर हार का सामना करना पड़ा।
अगर देश भर के एमएलसी चुनावों पर नजर डालें, तो कई चौंकाने वाले परिणाम सामने आए हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के मुख्यालय नागपुर (महाराष्ट्र) में भाजपा अपने गढ़ की सीट हार गई, और पटना में भी पार्टी को शिकस्त मिली। वाराणसी में तो मतगणना पूरी होने से पहले ही भाजपा प्रत्याशी ने हार स्वीकार कर ली, जहाँ सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने 18,459 वोटों के भारी अंतर से जीत दर्ज की।
इनमे में से तो दो नवंबर में होने जा रहा
किसान सम्मान दोगुना
महिला योजना का पहली किस्त
. बरेली-मुरादाबाद शिक्षक क्षेत्र में बीजेपी ने 21,672 मत प्राप्त किया जबकि समाजवादी पार्टी को 3,996 मत मिले इस क्षेत्र में बरेली मुरादाबाद बदायूं पीलीभीत सहजहाँपुर रामपुर बिजनौर संभल अमरोहा जिला आता है इन जिलों में बीजेपी 30 सपा 22 सीट जीती थी पिछले विधानसभा चुनाव में
लेकिन एमएलसी चुनाव में वोट में इतना अंतर होना और विधानसभा में यही रिजल्ट आना जरूरी नहीं है ये पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होता है
मुझे नहीं पता आपका एनालिसिस किस बेस पर है
लेकिन सपा अपने प्राइम पे २०० सीट नहीं जीत पाएगी
लोकसभा और विधानसभा में अंतर इतना ज़्यादा होगा की आपको उसका अंदाज़ा नहीं है
चुनाव पास आने दीजिए
लोग महाराष्ट्र बंगाल बिहार से सबक नहीं लिए है
बीजेपी तभी हारेगी यूपी अगर बीजेपी चाहेगी या सेल्फ़गोल करेगी २००९ में कांग्रेस लोकसभा में कितना सीट जीती थी २०१२ में क्या हुआ तो
यूपी का सियासी समीकरण बदल रहा है? 2014 से BJP की जीत की गारंटी रहे नॉन-यादव OBC (कुर्मी, लोध, मौर्य, शाक्य, सैनी) वोट बैंक में अब सपा ने बड़ी सेंध लगा दी है।
पश्चिमी यूपी और ब्रज के अलावा फिलहाल बीजेपी को किसी भी क्षेत्र में संतोषजनक बढ़त मिलती नहीं दिख रही।
#UPPolitics
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा साफ़ हो जाएगी
तो उसकी सरकार बन भी नहीं पाएगी
पूर्वाचल में सपा 164 में अधिकतम 90 जीत सकती है
अवध में वो बीजेपी से कम ही जीत पाएगी
बुंदेलखंड में 19 सीट से जादुई आँकड़े पर पहुँच नहीं पाएगी
तो कुल मिला कर खेल ये है की अगर अखिलेश को चुनाव जीतना है तो पश्चिम का किला तोड़े जो मुश्किल है
वो 25-30 सीट से ज़्यादा दिख नहीं रहा
बहुत अच्छा करेंगे तो 150-160 तक पहुँच पाएंगे
इन 4 राज्यों की 28 सीटों पर हुए पिछले (2020) चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कुल 11 सीटें जीती थीं।
राज्यवार सीटों का स्पष्ट वर्गीकरण इस प्रकार है:
उत्तर प्रदेश (6 सीटें): लखनऊ स्नातक, आगरा स्नातक, लखनऊ शिक्षक, मेरठ-गाजियाबाद शिक्षक, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक और बरेली-मुरादाबाद शिक्षक।
बिहार (2 सीटें): पटना शिक्षक और कोशी स्नातक।
कर्नाटक (3 सीटें): उत्तर-पूर्व शिक्षक, पश्चिम स्नातक और दक्षिण-पूर्व स्नातक। (नोट: कर्नाटक की चौथी सीट 'बेंगलुरु शिक्षक' पिछले चुनाव में जेडीएस ने जीती थी, लेकिन वर्तमान में यह पूरा गठबंधन एनडीए के तहत है)。
महाराष्ट्र (0 सीट): पिछले चुनाव में इन 5 सीटों में से महाविकास आघाड़ी (MVA) को 4 और 1 निर्दलीय को सीट मिली थी, यहाँ भाजपा कोई सीट नहीं जीत पाई थी।


