अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
किसी भी पार्टी के संगठन में अनुशासन को भी एक अलग महत्व होता है जिसे धरकर करने की इजाज़त पार्टी पद अधिकारियों और चुनें हुए प्रतिनिधि को नहीं दी जानी चाहिए ख़ासकर तब जब की वे युवा हों और बात किसी आंदोलन की चल रही हो।
जी हा बात की जा रही है उस आंदोलन की जो सीधे तौर पर राहुल गांधी के निर्देश PCC चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में ऋतु बराला पर दिल्ली में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिसिया कार्यवाही के विरोध में जयपुर पुलिस के समक्ष किया जा रहा था।
जहाँ तक सवाल है ओल्ड गार्ड का तो इस आंदोलन में PCC चीफ के अलावा पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत शामिल हुए तमाम व्यस्तताओं के बावजूद CLP लीडर टीका राम जूली अपनी उपस्थिति दर्ज कराने पहुँचे लेकिन एक खास वर्ग ने इस आंदोलन से बुरी बनाए रखी इतेफाक से वह सचिन पायलट खेमा कहा जाता है।
एक बारगी सचिन पायलट की अनुपस्थिति को नज़र अंदाज़ किया जा सकता है क्योंकि पंजाब चुनाव सिर पर है और वह वहां के प्रभारी हैं लेकिन आंदोलन की उपज कहे जाने वाले नेताओं के तौर पर ख़ुद को दर्ज करने वाले युवा जिनमें प्रमुख रूप से विधायक मुकेश भाकर राम निवास गावडिया और मनीष यादव की अनुपस्थिति नज़र अंदाज़ किए जाने योग्य नहीं है।
लंबे समय से देखा गया है की वे किसी भी सांगठनिक आंदोलन में अनुपस्थित रहते हैं चाहे वह दिल्ली हो या जयपुर जहाँ देश भर की तमाम कांग्रेस दिल्ली के आंदोलन में अपनी उपस्थिति दर्ज करने पहुँची थी तब भी यह तीनों विश्वविद्यालय से निकले हुए चेहरे किसी और राम ध्वनि में व्यस्त थे।
बड़े आश्चर्य की बात है की युवा होने के दावा करने वाले यह तीनों ही विधायक जहाँ आक्रामकता से पेश आना चाहिए वहां अनुपस्थित रहते हैं और जहाँ पार्टी के साथ ग़द्दारी का पट्टा पहनना हो तो दिल्ली तक चले जाते हैं।
बी जे पी और कांग्रेस में संगठन के स्तर पर यह एक मौलिक अन्तर तो है क्योंकि वहां यह अनुशासनात्मक कार्यवाही का एक माप दंड हो सकता था जबकि कांग्रेस के युवा इसे taken for granted, लेते रहे हैं जो संगठन के प्रति बगावत के सुरों को जन्म देता है।
इसी क्रम में राजस्थान विश्वविद्यालय के अध्यक्ष कहे जाने वाले निर्मल चौधरी जो युवा कांग्रेस के अध्यक्ष बनने का सपना पाले हुए थे और व्यक्तिगत तौर पर राहुल गांधी के समक्ष साक्षात्कार के प्रतिभागी भी रहे थे वे भी संगठन के बैनर तले आंदोलनों से ख़ुद को दूर बनाकर रखते हैं यही कारण है कि कांग्रेस के ओल्ड गार्ड पूरी मेहनत और शिद्दत के बाद भी आंदोलन में वह ऊर्जा का संचार नहीं कर पाते जिस की उम्मीद लेकर चलते हैं क्योंकि उनके अधिकांश युवा संगठन इन आंदोलन से दूरी बनाकर चलते हैं।
वोट चोरी जैसे बड़े आंदोलन में जहाँ कांग्रेस ने तमाम प्रदेशों से अपनी युवाओं और बुजुर्ग को झोंक दिया था और उसी मुद्दे पर राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के आंदोलन से इन नेताओं की अनुपस्थिति अगर कांग्रेस को नहीं खल रही है तो यह सोचने की जरूरत है फिर उनके कौन से संघर्ष को देखकर इन्हें टिकट का हक़दार माना जाता है।
@INCIndia @INCRajasthan @RahulGandhi @GovindDotasra
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
Replying to @Viveksbarmeri
क्या बेतुका सवाल है कांग्रेस क्यों धरना देगी बीजेपी के नेता कि हत्या पर.... सरकार खुद के पूर्व MLA कि हत्या पर ख़ुद से कार्यवाही नहीं कर सकती.... दूसरा सवाल भी गलत पूछा कि विपक्ष में केवल भाटी ही मुद्दा उठाते तो बेनिवाल, राजकुमार , गुढ़ा आपको नजर नही आए...
लेकिन सचिन पायलट को तो बीजेपी से मिलकर कांग्रेस सरकार गिराने के आरोप में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पद से बर्खास्त किया गया था।
आज राजस्थान के प्रत्येक कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जुबान पर यह बात है कि यदि आज सचिन पायलट जी अध्यक्ष होते तो एक घंटे में मुकदमा दर्ज होता वर्ना प्रदेश जाम हो जाता ।।
@RahulGandhi @priyankagandhi @kcvenugopalmp @SachinPilot
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
🚨 Rajasthan Congress Chief Govind Dotasra injured on Day 3 of the protest!
For THREE straight days, Rajasthan Congress leaders have been sitting on a dharna at the Jaipur Police Commissionerate.
Their demand? Just a Zero FIR in the alleged police brutality case involving NSUI worker Ritu Barala.
Is registering an FIR too much to ask?
What is Bhajanlal waiting for? A parchi from the centre?
No FIR. No Backing Down. 🔥✊
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
समय क़ो भरोसो कोनी कद पलटी मार जावे ✅
यह वही रितु बराला है जो 2022 राजस्थान यूनिवर्सिटी चुनाव मे निर्मल चौधरी से हार गयी
और फिर 5 साल निर्मल ने खूब सुर्खिया बटोरी अब निर्मल limelight से गायब है
पूरी राजस्थान कांग्रेस और केंद्रीय कांग्रेस फिलहाल रितु के लिये लामबंद हो रखी है👍
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
न्याय हमारा संकल्प है, न्याय होकर रहेगा! राजस्थान की बेटी रितु बराला को इंसाफ़ दिलाकर ही दम लेंगे।
लेकिन भाजपा सरकार का अहंकार और राजस्थान पुलिस का रवैया देखिए... 3 दिन से चल रहे कांग्रेस के सत्याग्रह के बावजूद राजस्थान की बेटी रितु बराला न्याय दिलाने एवं FIR दर्ज करने से इनकार साफ इनकार कर दिया।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(1) एवं सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी करते हुए, लिखित जवाब में कानून के प्रावधानों की गलत व्याख्या कर FIR से इनकार करना दुर्भाग्यपूर्ण और कानून का उल्लंघन है। आखिर एक देश में एक ही कानून के तहत 2 राज्यों में अलग-अलग रवैया कैसे हो सकता है?
केरल में इसी मामले से जुड़ी अन्य पीड़ित छात्रा की Zero FIR दर्ज हो सकती है, लेकिन राजस्थान पुलिस ने उसी मामले में कानून के प्रावधानों की गलत व्याख्या करते हुए FIR दर्ज करने से इनकार कर दिया। जब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता पूरे देश में लागू है, तो फिर केरल में कानून के तहत कार्रवाई और राजस्थान में उसी कानून के प्रावधानों से इनकार कैसे किया जा सकता है? क्या कानून का पालन राज्य सरकार और पुलिस की मर्जी पर निर्भर करेगा? इस सवाल का जवाब राजस्थान की भाजपा सरकार और पुलिस को देना ही होगा।
इसीलिए राजस्थान कांग्रेस ने पुलिस के लिखित जवाब को न्यायालय में चुनौती देने और न्याय के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। 3 दिन से जारी सत्याग्रह को स्थगित किया गया है, लेकिन न्याय का संघर्ष समाप्त नहीं हुआ है।
भाजपा सरकार कान खोलकर सुन लें.. सत्याग्रह स्थगित हुआ है, संघर्ष नहीं! कांग्रेस अध्यक्ष @kharge जी एवं हमारे नेता @RahulGandhi जी के नेतृत्व में राजस्थान कांग्रेस रितु बराला को न्याय दिलाने के लिए हर कानूनी लड़ाई लड़ेगी। FIR दर्ज करने से इनकार करने, कानून की गलत व्याख्या करने और अपने दायित्वों से मुंह मोड़ने वाले हर जिम्मेदार अधिकारी की जवाबदेही भी तय कराई जाएगी। सत्ता का संरक्षण किसी को कानून से ऊपर नहीं बना सकता।
हमारा संकल्प स्पष्ट है, न्याय की लड़ाई आखिरी दम तक लड़ी जाएगी, जवाबदेही तय कराई जाएगी और अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया जाएगा। हम राजस्थान की बेटी रितु बराला को न्याय दिलाकर ही दम लेंगे।
@INCIndia @priyankagandhi @kcvenugopalmp @Jairam_Ramesh
#JusticeForRituBarala
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
NSUI छात्र नेता रितु बराला की जीरो एफआईआर दर्ज न करने पर प्रतिक्रिया :
सवाल : सर डोटासरा जी धरने पर बैठे हैं,एफआईआर दर्ज नहीं हो रही है जयपुर कमिश्नरेट में :
जवाब : वो बैठे हैं, सोच समझ के बैठे हैं। अगर पुलिस को उन्होंने कहा जीरो-आधारित एफआईआर आप दर्ज करो, केरल में तो हो गई है यहाँ भी आप कर देते । मेरे वक्त में मैंने एक बहुत बड़ा फैसला किया था कंपल्सरी FIR, का , इतना बड़ा फायदा होगा जो गरीब है, दलित है, पिछड़े हैं, उनको थाने में जा के FIR दर्ज करवाने की कोई तकलीफ नहीं आई थी। और थानेदार नहीं करेगा तो एसपी करता , एसपी ऑफिस करता। इतना बड़ा हमने निर्णय किया, इनको पूछो कि तुमने वो हटाया क्यों? हटाने से अब क्या हुआ है? हटाने के बाद में ऐसी स्थिति बन गई है, धक्के खा रहे हैं वहां पर! जिसका रेप हुआ है, उसको कह रहे हैं तुम समझौता कर लो, जिससे रेप किया उससे। तो यह जो स्थिति बनी है, उसी कारण से तमाम तरह से यह गड़बड़ हो रही है।
अगर कंपल्सरी FIR की होती, यह नौबत ही नहीं आती, ना धरना देते, FIR दर्ज हो जाती। तफ्तीश तो पुलिस को करनी होती है ना, FIR दर्ज करने में क्या तकलीफ है? कोई किसी को प्रॉब्लम है, अब कर लीजिए, अगर आपको लगे भई इस FIR में कोई दम नहीं, तफ्तीश आप कर रहे हो, FR लगानी है या चार्जशीट बन सकती है, चार्जशीट पेश करनी है ये बाद की बातें हैं। तो क्यों आपने प्रेस्टीज पॉइंट बनाया और यह स्थिति बनी कि हमें धरना देना पड़ा कांग्रेस वालों को? वो भी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं, उनको खुद को धरने बैठना पड़ा, इससे बड़ा दुर्भाग्य की बात क्या होगी? सरकार के दिलों-दिमाग के अंदर विपक्ष के प्रति कोई सम्मान नहीं है! केंद्र में यही हो रहा है, मोदी जी के राज में। अगर सम्मान होता तो राहुल गांधी को, खड़गे साहब को सम्मान मिलता पार्लियामेंट के अंदर भी और बाहर भी। आप देख रहे हो क्या स्थिति है।
दरअसल कांग्रेस के कुछ नेताओं को राहुल गांधी का डोटासरा को ऋतु बराला मामले में सीधे फ़ोन करना हज़म नहीं हुआ और बस यहीं से ये कहानी शुरू हो गई
कांग्रेस के धरने की इन साइड स्टोरी!
ऋतु बराला मामले में कांग्रेस 2 दिन से जयपुर कमिश्नरेट में धरने पर बैठी है…. दरअसल बात केवल इतनी नहीं है की ऋतु बराला मामले में एफआईआर दर्ज नहीं हो रही बल्कि कहानी ही कुछ और है…
एफआईआर दर्ज होना नहीं होना वो तो कानूनी प्रक्रिया का एक हिस्सा है, लेकिन यहाँ तो अब सिस्टम ही दूसरा शुरू हो गया…. इस सिस्टम की हकीकत तभी सामने आ गई थी जब धरने की सूचना के बाद भी भीड़ नहीं जुट पाई .. वो तो भला हो अभिषेक चौधरी और कुछ कार्यकर्ताओं का जो थोड़ा बहुत माहौल बना सके… गेट के बाहर चल रहे प्रदर्शन में मीडिया कर्मी और पुलिस कर्मी ज़्यादा थे और कांग्रेस कार्यकर्ता कम…..! पीसीसी की और से सभी नेताओ और पदाधिकारियों को सूचना देने के बाद भी नेताओं ने इस प्रदर्शन से दूरी बनायी ??
बड़ी बात ये है की कमिश्नरेट मुख्यालय के गेट पर जब प्रदर्शन चल रहा था उस वक्त विधायक आवास में ग़रीब एक दर्जन से ज़्यादा कांग्रेस विधायक मौजूद थे लेकिन उन्होंने प्रदर्शन में शामिल होना ठीक नहीं समझा ये भी अपने आप में बड़ा सवाल है ???
मामला यहीं ख़त्म नहीं हुआ जिस युवा छात्र नेत्री के लिए यह लड़ाई लड़ी जा रही है उसकी इस लड़ाई में युवा नेताओं ने ही पूरी तरह दूरी बना रखी है जिसमें अशोक चांदना, रामनिवास गांवडिया, अभिमन्यु पुनिया, इंद्राज गुर्जर अनिल चोपड़ा ये ख़ुद वे नेता है जो छात्र राजनीति से निकल कर आए हैं, हालांकि कुछ जगह चुनाव है लेकिन इन नेताओं ने तो सोशल मीडिया पर पोस्ट करना भी ठीक नहीं समझा।
अब आते हैं मुख्य मुद्दे पर-दरअसल कांग्रेस के कुछ नेताओं को राहुल गांधी का डोटासरा को ऋतु बराला मामले में सीधे फ़ोन करना हज़म नहीं हुआ और बस यहीं से ये कहानी शुरू हो गई जिस के बाद उनके समर्थित नेता इस खेल को बिगड़ने में लग गए… हालांकि पार्टी इस मामले को गंभीरता से ले रही है और लगातार एआईसीसी इसको लेकर फीडबैक ले रही है….
सुनने में आया है की इस प्रदर्शन से दूरी बनाने वाले नेताओं की सूची बनाई जा रही है जो की जल्द ही आलाकमान को भेजी जाएगी क्योंकि यह मामला राहुल गांधी से जुड़ा हुआ है।
@RahulGandhi @kcvenugopalmp @AICCMedia
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
BJP का रावण रूपी अहंकार कितना भी बड़ा हो
राम नाम के सत्य और न्याय के आगे टिक नहीं सकता
#JusticeForRituBarala
पीसीसी चीफ के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नरेट में धरना जारी!
रात कमिश्नरेट की गैलरी में गुज़रीं, अब चाय नाश्ता भी हो गया.. ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब पुलिस कमिश्नरेट में नेताओं को रात गुजारनी पड़े।
खास बात ये रही की डोटासरा ने इस मामले को जिलाध्यक्ष या स्थानीय विधायकों पर नहीं छोड़ा बल्कि ख़ुद धरने पर बैठ गए जिसके चलते अन्य नेता और कार्यकर्ताओं को भी यहाँ शामिल होना पड़ा
यहाँ तक की ख़ुद अशोक गहलोत भी जोधपुर से सीधे धरने में शामिल होने पहुँचे …
@journaMubarik
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
पीसीसी चीफ के नेतृत्व में पुलिस कमिश्नरेट में धरना जारी!
रात कमिश्नरेट की गैलरी में गुज़रीं, अब चाय नाश्ता भी हो गया.. ऐसा बहुत कम देखने को मिलता है जब पुलिस कमिश्नरेट में नेताओं को रात गुजारनी पड़े।
खास बात ये रही की डोटासरा ने इस मामले को जिलाध्यक्ष या स्थानीय विधायकों पर नहीं छोड़ा बल्कि ख़ुद धरने पर बैठ गए जिसके चलते अन्य नेता और कार्यकर्ताओं को भी यहाँ शामिल होना पड़ा
यहाँ तक की ख़ुद अशोक गहलोत भी जोधपुर से सीधे धरने में शामिल होने पहुँचे …
@GovindDotasra @PSKhachariyawas @AminKagziINC @I_SunilSharma
झूठे केजरीवाल को भगाओ
पंजाब का भविष्य बचाओ
🔥🙌
आज मेरे निवास स्थान ग्राम 25 बीबी में आयोजित कार्यक्रम में स्व. सरदार गुरदीप सिंह संधू जी, पूर्व मंत्री, राजस्थान सरकार के पौत्र एवं करणपुर पंचायत समिति के पूर्व प्रधान तेजदीप सिंह संधू जी ने भाजपा छोड़कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। इस अवसर पर उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी कांग्रेस परिवार में शामिल हुए।
मैं तेजदीप सिंह संधू जी एवं सभी साथियों का कांग्रेस परिवार में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन करता हूँ।
कांग्रेस की विचारधारा, जनहित की राजनीति और जनसेवा के संकल्प में विश्वास जताते हुए आप सभी का हमारे साथ जुड़ना स्वागतयोग्य है। मुझे विश्वास है कि आपके सहयोग और सहभागिता से संगठन को नई ऊर्जा मिलेगी तथा जनहित के मुद्दों पर हमारी आवाज और बुलंद होगी।
आप सभी का विश्वास और साथ, जनसेवा के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा।
#Congress #Karanpur #PCC #SriGanganagar
यूथ कांग्रेस के नेता अभिषेक चौधरी की चेतावनी, बोले - अगर भारत में रहकर कोई पाकिस्तान की बात करेगा तो चेहरे पर कालिख पोत देंगे... मदन राठौड़ राजस्थान की सड़कों पर निकलकर दिखाएं, चेहरे पर कालिख पोत देंगे!
"मुकदमे राजनीतिक है, कोई चोरी डकैती के तो लगे नहीं है, और बुजुर्ग कहते रहे हैं कि राजनीतिक मुकदमे मर्दों के लगते हैं"
— अभिषेक चौधरी, राजस्थान युवा कांग्रेस अध्यक्ष
"मैं मोदी और शाह को चैलेंज देता हूं, ED और CBI भेज दो लेकिन डरेंगे नहीं, राहुल गांधी जी से कंधे से कंधा मिलाकर लड़ेंगे"
— गोविंद सिंह डोटासरा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष
🔥
नई राजस्थान कांग्रेस
@GovindDotasra
@TikaRamJullyINC
@withabhinsui
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
बेटियों के सम्मान की लड़ाई
न्याय मिलने तक संघर्ष की लड़ाई
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
Dotasra ne surname sunte hi jagah ka naam bata dia
राहुल गांधी का डोटासरा को अर्जेंट फोन!
दिल्ली पुलिस की चंचल यादव के खिलाफ ऋतु बराला की FIR दर्ज करवाने के निर्देश!
@RahulGandhi
अमरेन्द्र खलबली amrendra khalbali retweeted
आदरणीय @RahulGandhi जी अब डायरेक्ट co- ordinate कर रहे है @GovindDotasra से.
ज्यादातर काम KCV और अन्य महासचिव करते है.
अब राहुल गाँधी के सबसे करीबी राजस्थान से डोटासरा है🔥
"जीवड़ा अब तो चाल मुंबई के Marine ड्राइव अठे गोविंदो कौनी नंबर आबा दे. 🫣







































