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ये कोई मामूली आदमी नही है। आज केंद्र में मोदी इसी आदमी की वजह से सरकार बना पाने में सक्षम हुए हैं क्योंकि इस आदमी ने दो बहुत ही महत्वपूर्ण काम किये ।
पहला आंध्र प्रदेश में टीडीपी और भाजपा को करीब लाना और दोनों में गठबंधन करवाना और दूसरा तेलंगाना और आंध्र प्रदेश दोनों राज्यों में भाजपा के साथ मिलकर "कोंग्रेस हटाओ देश बचाओ" का नारा देकर जनता के बीच जाना।
इस आदमी का कितना प्रभाव पड़ा इस चुनाव में इसका आप इसी से अंदाजा लगा लो कि तेलंगाना की 17 में से 8 सीट भाजपा जीत गई और आंध्र प्रदेश की 25 में से 3 सीट भाजपा जीती। वहीं इस आदमी ने 16 सीटें टीडीपी को दिलवाने में मदद की।
जबकि ये आदमी ना तो भाजपा से है ना टीडीपी से है बल्कि इसका अलग राजनीतिक दल है जनसेना नाम से।
सोचिए, एक आदमी जिस का खुद का एक अलग राजनीतिक दल है जनसेना नाम से लेकिन वो आदमी कांग्रेस को दक्षिण में रोकने के लिए भाजपा और टीडीपी को करीब लाकर ना सिर्फ गठबंधन करवाता है बल्कि भाजपा की तेलंगाना में मदद भी करता है, जहां भाजपा का जनाधार बहुत ही कम था।
इस की वजह से आंध्र प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी भाजपा को इस बार अच्छी खासी सफलता प्राप्त हुई है। जहां विधानसभा की 175 में से टीडीपी को 135 तो भाजपा को 8 सीटें मिलीं और जनसेना को 21 सीटें मिलीं ।
अगर ये न होता तो आज भाजपा को लोकसभा में 240 सीट भी ना मिलतीं।
नाम पवन कल्याण
Countries with the most arrest for online comments
The Economist Democracy Index
🇬🇧 UK ~ 17th
🇩🇪 Germany ~13th
🇮🇳 India ~ 104th
लेकिन इमरजेंसी तो केवल भारत में मोदी ने लगा रखी है... बाहर तो सब Free World है 😂😂
अर्थ धर्म की धुरी है!
आज से बीस बरस पहले अमेरिका में दिवाली का नाम जानने वाले लोग ना के बराबर थे। आज भी पहली दिवाली याद है जो बेहद फीकी थी, केवल पूजा और दीया वाली थी। तब से लेके आज तक गंगा में बहुत पानी बह चुका। आज अमेरिका में दिवाली भी मनाई जाती है, धूमधाम से उत्सव होता है और विदेशी राजनेता आदि बधाई भी देते है!
ये बात तो अब आम है, हर कोई जानता है। किंतु इस क्रम में एक और बेहद महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। बड़े बड़े स्टोर मसलन कॉस्टको टारगेट आदि दिवाली से जुड़े प्रोडक्ट्स बेच रहे है क्योंकि उसके ग्राहक मौजूद है।
पिछले दो बरस से एक बड़ी कंपनी शिरिमती जी को न्योता भेज रही थी कि आप हमारी प्रीमियम ग्राहक हो, इसलिए आपको दीवाली पार्टी का एक्सक्लूसिव न्योता दिया जा रहा है, कृपया आयें। पिछले साल नहीं जा पायें किंतु इस साल शिरिमान जी की उत्सुकता उन्हें इस पार्टी में लेके गई।
अमेरिका की टॉप कंपनी के इस दिवाली उत्सव का समारोह शानदार होटल के बॉलरूम में था, जिधर महज़ चालीस पचास कस्टमर आए थे। सब भारतीय मूल के कस्टमर आयु के उत्तराध में थे, लगभग सभी व्यापारी और इन सब के होस्ट कंपनी के टॉप अफ़सर जो श्वेत और अश्वेत श्रेणी में आते है, सब भारतीय रंग बिरंगे परिधानों में सुज्जित सबको वेलकम करते मिले।
समारोह में दोनों देशों के राष्ट्रगान हुए, आरती आदि हुई, उसके बाद संगीत और नृत्य कार्यक्रम आदि भी हुए। इस दौरान बढ़िया भोजन आदि भी उपलब्ध था, और भी आनंद प्रमाद के साधन भी मुहैया रहें।
तीन घंटे के इस कार्यक्रम में मेजबानों का उत्साह देखने लायक था, उन्हें ज्ञात था ये गिनेचुने ग्राहक उनकी कंपनी के टॉप टियर लेवल के थे। इसलिए सम्मान आदि की कोई कमी नहीं थी। उन्होंने दिवाली से जुड़ा अपना होमवर्क भली भाँति किया था। अपने ग्राहकों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी और आशा जताई कि आगे भी इसी तरह से उनका बिज़नेस उन्हें मिलता रहेगा!
हमारी मेज़ पर एक बुजुर्ग दंपति बैठे थे- सत्तर पिछतर वर्षीय। उन्होंने शिरिमान जी से पहला प्रश्न किया- आपका क्या बिज़नेस है? आगे वार्ता में मालूम हुआ वे अनेक स्टोर के मालिक थे, अनेक दशकों से इधर रह रहे है और आर्थिक रूप से मजबूत है!
इस कार्यक्रम से ये स्पष्ट हुआ- अर्थ धर्म और त्योहारों की धुरी है, ये ऐसी धुरी है जिस पर बाज़ार नृत्य करता है, बाज़ार न भारतीय होता है, न अमेरिकी, न यूरोपीय। उसका अपना कोई स्थायी धर्म नहीं होता। उसका सबसे स्थायी धर्म है,मुनाफा!
जहाँ ग्राहक हैं, वहाँ बाज़ार है। जहाँ क्रयशक्ति है, वहाँ निवेश है। जहाँ खर्च करने की क्षमता है, वहाँ अवसर हैं। और जहाँ अवसर हैं, वहाँ कंपनियाँ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में देर नहीं करतीं।
यही कारण है कि आर्थिक रूप से प्रभावशाली समुदायों के त्योहार धीरे-धीरे उन बाजारों में भी अपनी जगह बनाने लगते हैं, जहाँ कभी उनके नाम तक से लोग परिचित नहीं थे।
मान जी की पोस्ट 🔥
अर्थ धर्म की धुरी है!
आज से बीस बरस पहले अमेरिका में दिवाली का नाम जानने वाले लोग ना के बराबर थे। आज भी पहली दिवाली याद है जो बेहद फीकी थी, केवल पूजा और दीया वाली थी। तब से लेके आज तक गंगा में बहुत पानी बह चुका। आज अमेरिका में दिवाली भी मनाई जाती है, धूमधाम से उत्सव होता है और विदेशी राजनेता आदि बधाई भी देते है!
ये बात तो अब आम है, हर कोई जानता है। किंतु इस क्रम में एक और बेहद महत्वपूर्ण कड़ी जुड़ रही है। बड़े बड़े स्टोर मसलन कॉस्टको टारगेट आदि दिवाली से जुड़े प्रोडक्ट्स बेच रहे है क्योंकि उसके ग्राहक मौजूद है।
पिछले दो बरस से एक बड़ी कंपनी शिरिमती जी को न्योता भेज रही थी कि आप हमारी प्रीमियम ग्राहक हो, इसलिए आपको दीवाली पार्टी का एक्सक्लूसिव न्योता दिया जा रहा है, कृपया आयें। पिछले साल नहीं जा पायें किंतु इस साल शिरिमान जी की उत्सुकता उन्हें इस पार्टी में लेके गई।
अमेरिका की टॉप कंपनी के इस दिवाली उत्सव का समारोह शानदार होटल के बॉलरूम में था, जिधर महज़ चालीस पचास कस्टमर आए थे। सब भारतीय मूल के कस्टमर आयु के उत्तराध में थे, लगभग सभी व्यापारी और इन सब के होस्ट कंपनी के टॉप अफ़सर जो श्वेत और अश्वेत श्रेणी में आते है, सब भारतीय रंग बिरंगे परिधानों में सुज्जित सबको वेलकम करते मिले।
समारोह में दोनों देशों के राष्ट्रगान हुए, आरती आदि हुई, उसके बाद संगीत और नृत्य कार्यक्रम आदि भी हुए। इस दौरान बढ़िया भोजन आदि भी उपलब्ध था, और भी आनंद प्रमाद के साधन भी मुहैया रहें।
तीन घंटे के इस कार्यक्रम में मेजबानों का उत्साह देखने लायक था, उन्हें ज्ञात था ये गिनेचुने ग्राहक उनकी कंपनी के टॉप टियर लेवल के थे। इसलिए सम्मान आदि की कोई कमी नहीं थी। उन्होंने दिवाली से जुड़ा अपना होमवर्क भली भाँति किया था। अपने ग्राहकों की सेवा में कोई कसर नहीं छोड़ी और आशा जताई कि आगे भी इसी तरह से उनका बिज़नेस उन्हें मिलता रहेगा!
हमारी मेज़ पर एक बुजुर्ग दंपति बैठे थे- सत्तर पिछतर वर्षीय। उन्होंने शिरिमान जी से पहला प्रश्न किया- आपका क्या बिज़नेस है? आगे वार्ता में मालूम हुआ वे अनेक स्टोर के मालिक थे, अनेक दशकों से इधर रह रहे है और आर्थिक रूप से मजबूत है!
इस कार्यक्रम से ये स्पष्ट हुआ- अर्थ धर्म और त्योहारों की धुरी है, ये ऐसी धुरी है जिस पर बाज़ार नृत्य करता है, बाज़ार न भारतीय होता है, न अमेरिकी, न यूरोपीय। उसका अपना कोई स्थायी धर्म नहीं होता। उसका सबसे स्थायी धर्म है,मुनाफा!
जहाँ ग्राहक हैं, वहाँ बाज़ार है। जहाँ क्रयशक्ति है, वहाँ निवेश है। जहाँ खर्च करने की क्षमता है, वहाँ अवसर हैं। और जहाँ अवसर हैं, वहाँ कंपनियाँ अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में देर नहीं करतीं।
यही कारण है कि आर्थिक रूप से प्रभावशाली समुदायों के त्योहार धीरे-धीरे उन बाजारों में भी अपनी जगह बनाने लगते हैं, जहाँ कभी उनके नाम तक से लोग परिचित नहीं थे।
मान जी की पोस्ट 🔥
कांग्रेस हमें लगातार बताती रहती है कि पप्पू गेंडी के साथ पूरा देश खड़ा है;
लेकिन एयरपोर्ट पर लोग उसे ऐसे अनदेखा करके आगे बढ़ जाते हैं जैसे वो कोई और यात्री हो..
पप्पू जैसा.. अरे नहीं ये तो पप्पू ही है..
लेकिन जब भी कांग्रेस हारती है, वोटों की वजह से ही समस्या खड़ी होती है.!!😆
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Why choose November 1? What exactly is Congress trying to achieve?
Is this about remembering the 1984 anti-Sikh massacre, reigniting tensions around festive occasions, disrupting economic stability, or manufacturing public unrest for political gains?
Congress just can't see Hindus celebrating their festivals peacefully!
बढ़ई समाज का लाल और न्यू भीमलैंड का बाप अब्बूशेख शर्मा ने जो आज कहर ही बरपा दिया था ग्राउंड पर। भारी हिंसा फैलाने के बाद हृदय परिवर्तन होने पर ध्यान मुद्रा में बुद्ध को याद करने लगा।
कहावत है, बेगानी शादी में ऐडबुल दीवाना..
भाई, चुनाव है इजराइल में... और आरंभिक सर्वे में बताया जा रहा है कि नई बनी पार्टी के चीफ "Gadi Eisenkot" को Benjamin Netanyahu पर बढ़त मिलती दिख रही है....
अब ये ख़बर देखते ही दुनिया भर में और भारत में लेफ्टिस्ट और इजराइल विरोधी नाच उठे..... भारत में, पाकिस्तान में तो कुछ को गले मिल बधाई देते, सोशल मीडिया पर जश्न मनाते और शुक्राना अदा करते ऊपर वाले का देख सकते हैं आप...
लेकिन... भाई, जश्न से पहले ज़रा देख लो.. ऐसा तो नहीं कि तुम उँगली हटने से ख़ुश हो और बाँस तैयार हो रहा हो.... जानते हो ये Gadi Eisenkot है कौन?
भाई, बड़ा तगड़ा ज़ालिम लोशन आदमी है... इजराइल डिफेंस फोर्स का चीफ रहा है.. कई लड़ाइयाँ लड़ चुका है इजराइल के लिए बॉर्डर पर.... और 7 अक्टूबर 2023 के बाद चालू हुईं जंग में अपना जवान बेटा देश पर कुर्बान कर चुका है...
खुसरो, उसके पास तो आगे और सख़्त एक्शन के लिए पर्सनल वजह है..वो भी ज़ायज़ .. वो अभी वाले पर आरोप लगाता रहा है पूरे चुनाव में कि ठीक से न ठुकाई-पिटाई की आतंकियों और उनके आकाओं की....
तो भाई, ख़ुश बाद में होना... पहले दुआ करो कि कहीं ये वाला सच में न आए.... आया तो अब तक जो किया न इजराइल ने, वो बस ट्रेलर ही लगेगा... काहे के ये पूरी फ़िल्म दिखाएगा.... वो भी फुल HD में बड़े पर्दे पर... और कसम मिया खलीफा की.... भुंडी चीखें निकलवा देगा इजराइल के दुश्मनों की!!!!
आगामी पंजाब/UP चुनाव जीवन मरण का चुनाव है तीन के लिए...
AAP के लिए पंजाब अकेला सूबा है
ये भी गया... कुछ हाथ न रह जायेगा
SP के लिए... लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर हुए... सब ख़त्म... वजूद का संकट होगा
बीजेपी के लिए... तमाम विरोध के बीच भी जनता ने साथ दिया तो आगे सब आसान और अगर नहीं दिया मुश्किलों से गुजरना होगा.....
चौथी है कांग्रेस.... जो इस सबसे परे है...
घंटा हार जीत से फर्क नहीं पड़ता...
2047 तक टाइम ही टाइम है... राउल बाबा को लॉन्च पर लॉन्च करने के प्रयत्न करते रहने का....
इनका कुछ न हो सकता 😁
पत्रकारणी ज़ी की बात पर आपकी राय?
भारत और चीन तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, और अगर वे इसी रफ्तार से आगे बढ़ते रहे, तो वैश्विक रैंकिंग में अमेरिका तीसरे स्थान पर खिसक जाएगा।
— यूरोपीय संघ के रक्षा आयुक्त
भारत की Energy Security का अगला अध्याय! 🇮🇳
भारत अब परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक नए युग की ओर बढ़ रहा है।
तमिलनाडु के कलपक्कम में भारत के स्वदेशी 500 MW प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) ने 6 अप्रैल 2026 को पहली बार नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया हासिल की।
इसकी खासियत है कि यह जितना परमाणु ईंधन खपत करता है, उससे अधिक विखंडनीय ईंधन पैदा करने की क्षमता रखता है।
इस तकनीक से भारत के विशाल थोरियम भंडार के भविष्य में उपयोग का रास्ता खुल सकता है और विदेशी ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
ऊर्जा सुरक्षा, स्वदेशी तकनीक और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह एक अहम वैज्ञानिक उपलब्धि है।
भारत सिर्फ अपनी ऊर्जा जरूरतें पूरी करने की तैयारी नहीं कर रहा, बल्कि भविष्य की ऊर्जा तकनीक भी विकसित कर रहा है! 🇮🇳⚡
ये जो तश्वीर में युवती है....उसे ये दुनिया साफ दिखाई नहीं देती..... उसका विज़न बेहद कम है.... न के बराबर...और इस लड़की ने गोल्ड मेडल जीत लिया।
ये कहानी है गाजियाबाद के मोदीनगर की पैरा एथलीट #सिमरन_शर्मा की। सिमरन को बचपन से ही देखने में परेशानियां होती थीं। जब वो दौड़ने निकलती थी तो लोग उसे देखकर ताने मारते थे कि दौड़ने का फायदा ही क्या?
लेकिन उनकी माँ ने उन्हें दौड़ने के लिए प्रोत्साहित किया। और फिर उनकी जिंदगी में आए गजेंद्र सिंह, जो भारतीय सेना में नायक के पद पर हैं। गजेंद्र सिंह ने सिमरन से केवल शादी ही नहीं की बल्कि उनके कोच भी बने।
और जब सिमरन को प्रोफेशनल ट्रेनिंग के लिए पैसों की ज्यादा जरूरत पड़ी तो गजेंद्र ने करीब नौ लाख रुपए की जमीन बेच दी और साढ़े तीन लाख रुपए तक का कर्जा भी ले लिया। यहाँ तक कि दौड़ते समय जब सिमरन की बॉडी का बैलेंस बिगड़ जाता था तो गजेंद्र सिंह उन्हें अलग-अलग तरीकों से ट्रेन करते थे ताकि वो अपनी लेन में ट्रैक पर दौड़ सकें।
और फिर उन दोनों की मेहनत ने जवाब दिया। 2024 में जापान के कोबे में हुए वर्ल्ड पैरा चैंपियनशिप में सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर T-12 कैटेगरी में 24.95 सेकंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।
और अब 2026 में जापान के ही नागोया में सिमरन ने कमाल कर दिया। पहले 200 मीटर में गोल्ड जीता, फिर उसके बाद 100 मीटर में भी गोल्ड जीत लिया, वो भी गेम्स रिकॉर्ड के साथ।
लेकिन इस कहानी की सबसे खूबसूरत बात ये नहीं है कि उन्होंने गोल्ड जीत लिया, बल्कि ये है कि एक तरफ सिमरन की आंखें सीमित थीं, लेकिन दूसरी तरफ गजेंद्र को उनके सपने का रास्ता बिल्कुल साफ दिखाई दे रहा था।
क्योंकि कुछ रिश्ते सिर्फ साथ चलने के लिए नहीं होते, कुछ रिश्ते इसलिए होते हैं ताकि जब एक इंसान रास्ता ना देख पाए तो दूसरा उसके सपने पर विश्वास करके उसको रास्ता दिखाए।
वो गीत है न...
किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार..
किसी के वास्ते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है......!
हिंदूहृदयसम्राट बालासाहेब ठाकरे की प्रखर विरासत को आगे बढ़ाते एक सच्चे जननेता! 🚩
महाराष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण, जनता का अपार समर्थन और लहराता भगवा ध्वज—ये श्री एकनाथ शिंदे जी के जनाधार और मजबूत नेतृत्व की पहचान हैं।
उनकी राजनीति का मूल मंत्र है—“यतो धर्मस्ततो जयः” यानी जहाँ धर्म है, वहीं विजय है!
जनता का विश्वास, भगवा स्वाभिमान और महाराष्ट्र की सेवा—एकनाथ शिंदे जी का संकल्प अडिग है। 🚩
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सम्राट चौधरी सरकार पूरी तरह संकल्पित है
इसी दिशा में आज राज्य भर में नशा मुक्त बिहार अभियान की शुरुआत की गई है
यह विशेष अभियान आगामी एक महीने तक चार अलग अलग थीम के माध्यम से चलाया जाएगा
सत्ताईस अक्टूबर से छब्बीस नवंबर तक चलने वाले इस अभियान से समाज में गहरी जागरूकता आएगी
नशामुक्ति वाहिनी के वाहनों को रवाना कर मुख्यमंत्री ने एक मजबूत संदेश दिया है
कल मुझे Priyanka Gandhi Vadra जी का साक्षात्कार लेने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। प्रस्तुत हैं उसकी झलकियाँ 😂😂👉🏻
मै:- प्रियंका जी, ये रेहान बाबा का इंटरव्यू क्यों? आई मीन वो कोई पब्लिक फिगर तो हैं नही, फिर…?!?
वाड्राइन:- जैसा कि आप जानते ही होंगे, हमारे घर मे इंसान, पार्टी-वर्कर, या नेता नही — सीधे प्रधानमंत्री पैदा होते हैं। लेकिन प्रधानमंत्री पद के दावेदार को अपनी क्षमता तो साबित करनी ही पड़ती है ना।
मै:- फेयर एनफ! तो आपके खानदान मे लोग PM बनने की क्षमता कैसे साबित करते हैं?
वाड्राइन:- जी आप देखें, नेहरू और इंदिरा जी तो दिखावे के लिये अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलन टाइप चीजें किया करते थे, और फिर अंग्रेज पुलिस उन्हे कथित तौर पर गिरफ्तार कर महलनुमा जेलों मे कुछ समय के लिये डिटेन कर देती थी। अब ये पूरा सेटअप होता तो एक फिक्स मैच ही था, लेकिन इससे उन आलीशान महलों मे रहते हुए उन लोगों को कोई पेन भी नही लेना पड़ता था, और उनकी “देश के लिये जेल गये” वाली चोखी इमेज भी बन जाती थी… बस, हो गयी क्षमता साबित। अब हालात बदल गये हैं….. अब पुलिस अरेस्ट करती है तो आगा खाँ पैलेस जैसी किसी जगह पर नही रखती — सीधे तिहाड़ की किसी सेल मे पैक कर देते हैं। हाउ इनह्यूमन ना? पर आज के भारत की यही ग्राउंड रियलिटी है। ऐसे मे हम तो वो रास्ता अपना नही सकते… इसीलिए अब हम और हमारे आगे वाली जेनरेशन इंटरव्यू देकर ही देश के सामने अपनी क्षमता साबित करने वाली रस्म पूरी कर लेते हैं।
मै:- अच्छा तो ये बात है… चलिये ठीक है। लेकिन मेरा एक सवाल है — कि रेहान बाबा ने इंटरव्यू देने के लिये किसी बड़े और लोकप्रिय पत्रकार की बजाय कपिल सिब्बल जैसे हार्डकोर कांग्रेसी को क्यों चुना? जब कोई इनहाउस एग्जामिनर वायवा लेता है तो स्कूल का हर बच्चा प्रैक्टिकल्स मे तीस मे तीस नंबर पाता है — ये सब जानते हैं। ऐसे मे वो इंटरव्यू से देश के सामने अपनी क्षमता साबित कर देने वाली बात कुछ ड्रामैटिक और अजीब नही लगती आपको?
वाड्राइन:- तो आप क्या चाहते हैं, मै अपने फूल से बच्चे को अर्णब गोस्वामी जैसे किसी बाघ के आगे फेंक दूँ इंटरव्यू के लिए? आपको मेरे भाई Rahul का वो टाइम्स नाउ वाला 2014 का इंटरव्यू भूल गया है क्या? उसी ब्रूटल हादसे के बाद से मेरे भाई के माथे पर पप्पू का ऐसा ठप्पा लगा जिससे बेचारा आज तक उबर नही पाया है - बैक टू बैक चुनाव हरवा रहा है कांग्रेस को — अब तो पनौती का खिताब भी उसी के नाम दर्ज है। आप अर्णब के हाथ मेरे लाल का भी एनकाउंटर करवाना चाहते हैं क्या?
मै:- बुरा मत मानियेगा प्रियंका जी, पर मौत के कुएँ मे बाइक चलाये बिना रेहान बाबा की हीरो वाली इमेज कैसे बनेगी?
वाड्राइन:- ऐसा है सुनो, तुम हो संघ के एजेंट… मोदी और शाह ने भेजा है तुम्हे… मुझे अब कोई बात ही नही करनी तुमसे - निकलो फटाफट यहाँ से, वरना सिक्योरिटी से धक्के मार के निकलवाऊँगी! 🤬🤬🤬








