
unemployed #Journalist पत्रकार, लेखक, ब्लॉगर , टूटी फूटी कविता,जीवन की पगडंडी में चल रहा हूँ,दिल से इलाहाबादी, जन्म से बघेली रीवा. व्यंग। #politics
Mumbai
Joined June 2015
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Replying to @nwivinoddualive
चुनाव से ठीक पहले ही क्यों बम ब्लास्ट और आतंकी गतिविधियां बढ़ती है?
हर चुनाव में जब यह होने कि संभावना रहती है तो फिर सुरक्षा एजेंसियां क्या कर रही होती हैं?
पुलिस चौकी के पास ब्लास्ट करके और एक संगठन जिम्मेदारी लेते हुए कैसे हिन्दू मुस्लिम का एंगल यूपी चुनाव के पहले दे गया?
झाग वाली गंगा जी।
नमामि गंगे के नाम पर केवल बड़ी बड़ी कम्पनियां बंटाधार कर रही है।
यह प्रयागराज का हाल है हर जगह सीधे नाले का पानी गंगा जी में बह रहा है।
और फिर कहेंगे कि गंगा जी मेरी मां है।
VIKAS TIWARI (VASHISHTH) retweeted
सुनो देश के सारे अधिकारियों तुम सिर्फ और सिर्फ नौकर हो, तुम्हें हमारे टैक्स के पैसों से सैलरी मिलती है,
होश में आजाइए वरना लोग आपको आपकी जगह बता देंगे, क्योंकि देश की जनता जागरूक होने लगी है
जितेन्द्र सिंह को तुरंत गिरफ्तार करके जेल में डाल देना चाहिए।
यह दो देशविरोधियो के साथ मिलकर प्रेस कॉन्फ्रेंस और सरकार को झुकने में माध्यम का काम किए हैं।
VIKAS TIWARI (VASHISHTH) retweeted
आज राजघाट पर अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ मौन व्रत रखा, हम शांति से न्याय की माँग कर रहे हैं !!
#JusticeForAnkitaBhandari
राजेन्द्र गौतम न पहले कांग्रेस के लिए अच्छे थे न अभी है।
सपा से गठबंधन करके कांग्रेस का यूपी में न केवल वोट बैंक मजबूत हुआ बल्कि मृत्यु शैय्या पर लेटा कैडर भी मजबूत हुआ है।
कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी का बड़बोलापन यूपी चुनाव में नैया डुबाने में लगा है और शीर्ष नेतृत्व मौन है।
Delhi police के acp साहब कह रहे हैं कि 99 बार उन्होंने नपुंसकता चुनी।
वो पौरूष कि भी 1% बात कर रहे हैं।
लेकिन उनके साथ धरने पर बैठी महिला कर्मी कैसे 1% भी पौरूष ज़ाहिर करेंगी।
आखिर में प्रश्न है कि किस पौरूष के सामने एसीपी साहब नपुंसक 99% बार बने?
On duty पुलिस कर्मी आंदोलन कर रहे हैं, भाषा किसी गली के नेता से भी उच्च है।
ऐसे ही विश्वगुरु बनाने कि जद्दोजहद में कई लोग 18 घंटे काम कर रहे हैं।
समय रहते नहीं सम्हाला गया तो हर तरफ से केवल वीर रस ही बहेगा।
यह पहले धर्म का चूर्ण बांटे, फिर जाति का फिर उस जाति के सबजाति में और अब ईश्वर में भी बांट रहे हैं।
इन चकलकुंजो पर लोग मोहित है यही सबसे बड़ी विडंबना है।
ऐसे धूर्त लोग विश्वगुरु का ख़्वाब बांट रहे हैं।
जब सरकारें जमीन पर कार्य नहीं कर पाती तो वो रेवड़ियां बांटकर वोट खरीदने लगती हैं।
दिल्ली, मप्र, महाराष्ट्र, राजस्थान, पं बंगाल, बिहार, तमिलनाडु।
इन राज्यों में चुनाव के पहले मुफ्त में लुटाया गया और आज बुनियादी चीजें ही नहीं पूर्ण हो पा रही है।
VIKAS TIWARI (VASHISHTH) retweeted
लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन विपक्ष का अधिकार है। एक ज़िम्मेदार विपक्ष और मुट्ठी भर अराजक तत्वों में अंतर करना बेहद आवश्यक है। सबको एक तराज़ू पर तौलने की प्रवृत्ति अलोकतांत्रिक है।
इन्हीं विपक्षी दलों को शिकायत रहती हैं कि मीडिया इनको नहीं दिखाता एकतरफा रिपोर्टिंग करता है।
और इसी मीडिया के महिमा मंडन में बिछे जा रहे हैं।
टीवी डिबेट के धुरंधर भाई @AMISHDEVGAN का स्वागत है। नया चैनल, नया शो, नया तेवर। हार्दिक शुभकामनाएं।
इस बेटी ने कब कहा होगा कि पापा आप दूसरों कि हत्या लूट न करिए।
1 लाख का ईनामी और 53 केस कोई छोटी मोटी अपराध कि श्रेणी में नहीं रहा होगा।
मैं इस तरह कि हत्या और पुलिसिया कार्रवाई का समर्थक नहीं हूं पर ऐसे अपराधियों से कोई सहानुभूति नहीं है।
"हमारे पापा को जान से नहीं मारते, दोनों टांगों में गोली मार देते।"* एटा एनकाउंटर में मारे गए वीरेंद्र की बेटी का यही कहना है। बेटी बोली- पुलिस ने मेरे सामने से पापा को उठाया था"।
एटा में 27 अक्टूबर को पुलिस ने 1 लाख के इनामी वीरेंद्र (45) को मुठभेड़ में मार गिराया। सीने में गोली लगी, साथी भाग गया। मौके से पिस्टल और चोरी की बाइक मिली। पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र ने 22 अक्टूबर को अलीगंज में ज्वेलर से लूट की थी।
वीरेंद्र मैनपुरी के हरचंदपुर का था। परिवार में पत्नी सुमन और 5 बच्चे हैं। उस पर 53 केस थे। 28 अक्टूबर को शव घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई।
परिवार का आरोप है- 25 अक्टूबर को फिरोजाबाद में बड़ी बेटी का रिश्ता देखने गए थे, वहीं से पुलिस चादर ओढ़ाकर वीरेंद्र को ले गई। ये फर्जी एनकाउंटर है।
वाराणसी, इलाहाबाद, पटना, लखनऊ, नागपुर यह वो जगह है जहां बीजेपी का दशकों से दबदबा रहा है और यहां अपने गढ़ में बीजेपी चुनाव हार गई।
नागपुर जहां RSS , नितिन गडकरी, देवेन्द्र फडनवीस के होते हुए कांग्रेस चुनाव जीत गई।
वही कर्नाटक में कांग्रेस के परखच्चे उड़ गए हैं।
आज तक समझ नहीं आया कि विधानसभा होने के साथ विधानपरिषद कि क्या आवश्यकता है?
केवल सरकारी धन कि बर्बादी और खुली सत्ता कि गुंडई।
इस चुनाव में अधिकांशतः सत्ता धारी दल के नुमाइंदे हि जीतते हैं कारण है जिसकी लाठी उसकी भैंस
फेक फोटो डालना भूल भी हो सकती हैं लेकिन फेक फोटो डालने के बाद भी डीलिट न करना सीधा मतलब है कि जानबूझकर किया गया है।
ये तस्वीरें 2025 महाकुंभ प्रयागराज त्रिवेणी संगम की हैं।
@grok इस लोमड़ी को सच्चाई बताओ
राजनीति में शुचिता कि याद केवल तब क्यों आती हैं जब विपक्षी दल टिप्पणी करते हैं तब क्यों नहीं आता जब भरे संसद में पूर्व प्रधानमंत्रीयों पर अभद्र टिप्पणी, एक धर्म के लोगों को कटु....आज मुल्ला जब कहा जाता है तब शुचिता कहां चली जाती हैं?
VIKAS TIWARI (VASHISHTH) retweeted
उत्तर प्रदेश पुलिस कमिश्नरी सिस्टम के लिए तैयार नहीं थी, तत्कालीन प्रमुख सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने इस सिस्टम के लिए जो नियम-कानून बनाये वह व्यावहारिक पुलिसिंग के अनुरूप नहीं थे इसलिए राज्य में यह सिस्टम तकरीबन फेल है !!
दरससल, पुलिस एक्ट में कप्तान,( कमिश्नर ) SHO, SO के पास विधिक पावर होती है, कमिश्नर ADG/IG स्तर के अफसर होते हैं, ऐसे में कई सालों से व्यवहारिक पुलिसिंग से दूर रहने वाले अफसर कमिश्नर बन जाते हैं,
ये जनता से कटे रहते हैं और 'अहंकार' चरम पर होता है और सारे अधिकार उनके पास होता है।
सभी जानते हैं कि 'अहंकारी' स्वभाव वाले पुलिस अधिकारी अपराध नियंत्रित नहीं कर सकते. DCP को अधिकार सम्पन्न किया जाना चाहिए.
-यह दौर ऐसा है जिसमें अपराध के कारणों, उसके पीछे का विश्लेषण मीडिया में नहीं हो रहा, नतीजे में अपराध का थर्ड पार्टी से सामने आया सच सरकारतक नहीं पहुंचता और अपराध छिपा रहता है...और जनता के पास एक विकल्प है कि 'बूथ' पर गुस्सा निकाले...हम यूँ नहीं कहते हैं कि भाजपा अगर हारी तो पुलिस की कार्य शैली प्रमुख रूप से जिम्मेदार होगी !!!
#सआदतगंज में अधाधुंध फायरिंग में तीन लोग मरे, 15 साल बाद लखनऊ ने ट्रिपल मर्डर !
साभार-@parvezahmadj
कांग्रेस को भी पता है कि 200 में लगे ज़ीरो हटा दे तो बहुत है।
पहले से कैडर मजबूत हुआ है लेकिन इस तरह का रवैया इनके लिए खांई ही खोदेगा।
ख़बरदार-खबरदार-खबरदार……. 200 सीट चाहिए इस बार?
सपा-कांग्रेस गठबंधन के बीच तकरार की ताजा तस्वीर:-
कोई भी राजनीतिक दल क्या संदेश देना चाहता है? इस पोस्टर से समझें:-
- पोस्टर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे गायब हैं
- प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा से बहुत बड़ा कटआउट इमरान मसूद का है
- पोस्टर में लिखा है 200 सीट हक है हमारा
- इसका सार:- सोनिया-प्रियंका-राहुल की कांग्रेस? मल्लिकार्जुन खड़गे जी फिर कहाँ? तीसरा गठबंधन की स्थिति स्पष्ट नहीं, दबाव की पूरी राजनीति।



















